रामगढ़: भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना-2027 के सफल और त्रुटिरहित संचालन को लेकर रामगढ़ जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को जिला समाहरणालय सभागार में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त ऋतुराज ने की। इस दौरान जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को जनगणना की प्रक्रिया, नियमों और जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
जनगणना देश की महत्वपूर्ण प्रक्रिया: उपायुक्त
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रियाओं में से एक है। इसके आधार पर सरकार विकास योजनाओं, नीतियों के निर्माण और संसाधनों के बेहतर वितरण से जुड़े निर्णय लेती है।
उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जाए।
हर परिवार और व्यक्ति का सही विवरण जरूरी
उपायुक्त ने कहा कि जनगणना के दौरान प्रत्येक परिवार और व्यक्ति की सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करना बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रशिक्षण में शामिल कर्मियों को जिला जनगणना हस्तपुस्तिका में दिए गए दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन करने और क्षेत्र में निर्धारित मानकों का पालन करने को कहा।
उन्होंने बताया कि सही आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं और विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रपत्र और आंकड़ा संकलन की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें प्रपत्रों के सही उपयोग, आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया, अभिलेखों के रखरखाव, क्षेत्र भ्रमण की तैयारी और संभावित समस्याओं के समाधान सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई।
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान करते हुए जनगणना कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी भी दी।
अधिकारी और कर्मी रहे मौजूद
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य से जुड़े जिला स्तरीय पदाधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और संबंधित कर्मी उपस्थित रहे। प्रशासन का उद्देश्य है कि जनगणना-2027 का कार्य पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ संपन्न कराया जाए।
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