मुजफ्फरपुर: कानून की पढ़ाई कर रहा एक छात्र हथियार तस्करी के आरोप में पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मुजफ्फरपुर में कच्ची-पक्की ओपी पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर लॉ सेकंड ईयर के छात्र आदित्य रंजन को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, उसके कब्जे से देशी कट्टा, जिंदा कारतूस और चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी पिछले करीब तीन महीने से मुजफ्फरपुर में किराए के मकान में रहकर हथियार और कारतूस छिपाकर रख रहा था। अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी को हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क से जोड़कर जांच आगे बढ़ा रही है।
गुप्त सूचना पर STF और पुलिस ने मारा छापा
पुलिस को सूचना मिली थी कि भिखनपुरा चौक स्थित महाराणा प्रताप नगर कॉलोनी के रोड नंबर-15 में एक किराए के मकान में अवैध हथियार छिपाकर रखे गए हैं।
सूचना के सत्यापन के बाद बिहार एसटीएफ और कच्ची-पक्की ओपी पुलिस की संयुक्त टीम ने मकान में छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान युवक को पकड़ लिया गया और तलाशी में हथियार, कारतूस तथा चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई।
सीवान का रहने वाला है गिरफ्तार छात्र
गिरफ्तार युवक की पहचान सीवान जिले के जीबी नगर थाना क्षेत्र के कर्णपुरा गांव निवासी आदित्य रंजन के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आदित्य मुजफ्फरपुर में रहकर विधि यानी लॉ की द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था।
तीन महीने से हथियार रखने का पुलिस का दावा
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी पिछले करीब तीन महीनों से उक्त किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान वहां अवैध हथियार और कारतूस छिपाकर रखे गए थे।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी को हथियार कहां से मिलते थे, इन्हें किसे पहुंचाया जाना था और इस कथित नेटवर्क में उसके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
चंदन और अभिषेक को पुलिस बता रही मुख्य सरगना
सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुसार, गिरफ्तार छात्र कथित गिरोह की एक कड़ी है। पुलिस ने चंदन तिवारी और अभिषेक तिवारी को इस हथियार तस्करी मामले का मुख्य सरगना बताया है। दोनों फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस की अलग-अलग टीमें दोनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर हथियार तस्करी के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
आर्म्स एक्ट समेत धाराओं में केस
मामले में कच्ची-पक्की ओपी के सब-इंस्पेक्टर सैयद अब्दुल रिजवान करम अहमद के लिखित बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अब पुलिस की जांच का फोकस इस बात पर है कि लॉ की पढ़ाई कर रहा छात्र कथित तौर पर हथियारों के इस नेटवर्क तक कैसे पहुंचा और उसके पीछे इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
नोट: हथियार तस्करी से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही तय होगा। पुलिस द्वारा बताए गए नेटवर्क और फरार आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
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