मोतिहारी: बिहार विधानसभा की गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति के सभापति और विधायक फैसल रहमान का मोतिहारी सेंट्रल जेल का भ्रमण विवादों में घिर गया है। बंजरिया थाना क्षेत्र में सरकारी शिक्षक मोहम्मद शमशाद आलम की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए बिहार विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की है। परिवार का आरोप है कि जेल भ्रमण के दौरान हत्याकांड के आरोपी और फैसल रहमान के मौसेरे भाई जफर आजाद चमन से मुलाकात की गई और इस दौरान मामले को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
पीड़ित परिवार ने विधानसभा अध्यक्ष को दिए आवेदन में फैसल रहमान को गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति के सभापति पद से हटाने तथा पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
अध्ययन यात्रा के दौरान जेल पहुंचने का दावा
बंजरिया थाना क्षेत्र निवासी मोहम्मद रफीक की ओर से दिए गए आवेदन के मुताबिक, 27 सितंबर 2026 को बिहार विधानसभा के अध्ययन दल के साथ फैसल रहमान मोतिहारी सेंट्रल जेल पहुंचे थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस दौरान जेल में बंद कई कैदियों से मुलाकात की गई।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बंजरिया थाना कांड संख्या 518/2026 में उनके पुत्र और सरकारी शिक्षक मोहम्मद शमशाद आलम की हत्या के आरोपी जफर आजाद चमन से भी मुलाकात की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी जफर आजाद चमन फैसल रहमान के मौसेरे भाई हैं।
शिक्षक हत्याकांड को लेकर उठाए सवाल
पीड़ित परिवार के अनुसार, मोहम्मद शमशाद आलम की हत्या के मामले में जफर आजाद चमन समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि जफर आजाद चमन को 22 सितंबर 2026 को पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे मोतिहारी सेंट्रल जेल भेजा गया।
परिवार का आरोप है कि इसी मामले में आरोपी के जेल में बंद रहने के दौरान विधानसभा समिति के सभापति का जेल पहुंचना और कथित तौर पर उससे मुलाकात करना कई सवाल खड़े करता है। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता परिवार की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि की आवश्यकता है।
सोशल मीडिया पर तस्वीर और वीडियो डालने का आरोप
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि जेल भ्रमण के दौरान बंदियों के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाए गए तथा उन्हें सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इससे हत्याकांड से जुड़े गवाहों और संबंधित लोगों पर दबाव या भय का माहौल पैदा हो सकता है।
परिवार ने इस पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की गुहार
मोहम्मद रफीक ने विधानसभा अध्यक्ष को दिए आवेदन में मामले की निष्पक्ष जांच कराने और शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाने पर फैसल रहमान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में उन्हें समिति के सभापति पद से हटाने की भी मांग की गई है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि अपने बेटे की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित कराना है।
जेल भ्रमण को लेकर उठे सवाल
विधानसभा समिति के अध्ययन दौरे के दौरान जेल में कैदियों से मुलाकात और विशेष रूप से किसी जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार के उसी जेल में बंद होने की स्थिति को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता परिवार इसी बिंदु पर विधानसभा अध्यक्ष से हस्तक्षेप की मांग कर रहा है।
हालांकि, इस मामले में फैसल रहमान का पक्ष और जेल प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल मामला पीड़ित परिवार की शिकायत और उसमें लगाए गए आरोपों के आधार पर चर्चा में है।
ये खबर भी पढ़े: घी के दीयों से रोशन हुआ देवघाट, पितरों के नाम जली आस्था की रोशनी; मनाई गई पितृ दीपावली!