लखीसराय सदर में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की अध्यक्षता में “पोषण पखवाड़ा” (9–23 अप्रैल 2026) के तहत एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और कुपोषण उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम में आंगनवाड़ी सेविकाओं, सहायिकाओं और स्थानीय महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शुरुआत आकर्षक रंगोली से हुई, जिसमें अनाज, दाल, हरी सब्जियों जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों के जरिए संतुलित आहार का संदेश दिया गया। “पोषण पखवाड़ा 2026” को सृजनात्मक तरीके से प्रदर्शित कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया गया।
इस दौरान पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग भी दिया। इसके बाद एक जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें “मां एवं बच्चे का पोषण” विषय पर बैनर और पोस्टर के जरिए आमजन को जागरूक किया गया। रैली में स्तनपान, स्वच्छता, समय पर टीकाकरण और संतुलित आहार के महत्व को प्रमुखता से बताया गया।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी ने कहा कि बच्चे के जीवन के पहले 1000 दिन उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद अहम होते हैं। इस दौरान सही पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराएं।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से उन्हें नई जानकारी मिलती है, जिसे वे अपने परिवार और समाज में अपनाकर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दे सकती हैं।
अंत में सभी ने कुपोषण मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन जागरूकता, सहभागिता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम पहल साबित हुआ।
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