लखीसराय: मंगलवार को जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में फार्मर रजिस्ट्री कार्यक्रम के तहत बड़हिया एवं पिपरिया प्रखंड के संबंधित कर्मियों के साथ प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला परिषद लखीसराय के सभागार में संपन्न हुई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य फार्मर रजिस्ट्री कार्य की प्रगति की समीक्षा करना और इसे और अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देना था। बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री का कार्य कैंप मोड में विशेष अभियान चलाकर पूरा किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित कर्मी फील्ड में जाकर किसानों से सीधे संवाद स्थापित करें और उन्हें फार्मर रजिस्ट्री की महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दें। उन्होंने बताया कि कई मामलों में किसानों की जमीन अब भी उनके पूर्वजों के नाम से जमाबंदी में दर्ज है, जिसके कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। ऐसे किसानों को जागरूक किया जाए कि वे शीघ्र अपने नाम से जमाबंदी में सुधार कराएं, अन्यथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य कृषि आधारित योजनाओं का लाभ मिलने में बाधा आ सकती है।
श्री मिश्र ने अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान चलाया जाए, कैंप आयोजित कर किसानों से आवेदन प्राप्त किए जाएं और ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा के भीतर फार्मर रजिस्ट्री कार्य को पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।

बैठक के दौरान फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े तकनीकी पहलुओं, आ रही समस्याओं और उनके समाधान पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिला पदाधिकारी ने सभी कर्मियों से आपसी समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया, ताकि जिले के अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।
इस बैठक में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी कुंदन कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी पम्मी रानी, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी तथा फार्मर रजिस्ट्री कार्य में संलग्न पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
