कोडरमा: विस्फोटक कारोबार के पीछे छिपे नेटवर्क की तलाश में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरुवार तड़के कोडरमा में बड़ी कार्रवाई की। जिले के कई इलाकों में हुई छापेमारी के बाद दो विस्फोटक कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कोडरमा के बतडीहा निवासी शंकर यादव और डोमचांच के नावाडीह निवासी महेश मेहता के रूप में हुई है। NIA दोनों को आगे की पूछताछ के लिए कोलकाता ले गई है।
बांकुड़ा विस्फोट से जुड़े तार
NIA की यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में हुए विस्फोट मामले से जुड़ी है। जांच एजेंसी के अनुसार, अक्टूबर 2024 में धनबाद से बाइक के जरिए ले जाए जा रहे विस्फोटक में विस्फोट हुआ था, जिसमें जयदेव मंडल नामक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
जांच में सामने आया कि विस्फोटक की सप्लाई का कनेक्शन कोडरमा से जुड़ रहा था। इसके बाद मामले की जांच NIA को सौंपी गई और लंबे समय से संदिग्धों पर नजर रखी जा रही थी।
छापेमारी में नकदी और दस्तावेज बरामद
NIA की टीम ने कोडरमा, डोमचांच और नवलशाही में एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान करीब 16.07 लाख रुपये नकद और 22 जमीनों के दस्तावेज जब्त किए गए।
एजेंसी अब जब्त दस्तावेजों और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है, ताकि कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी सामने आ सके।
पिता के कारोबार से जुड़ा था महेश
जांच एजेंसी के अनुसार महेश मेहता पहले से विस्फोटक कारोबार से जुड़ा रहा है। उसके पिता भी विस्फोटक भंडारण केंद्र (मैगजीन) का संचालन करते थे। पिता का कारोबार बंद होने के बाद भी महेश इस क्षेत्र में सक्रिय रहा।
जांच में यह भी सामने आया कि वह डेटोनेटर और जिलेटिन जैसे विस्फोटकों की खरीद-बिक्री से जुड़ा था।
छोटे कारोबारी से बड़ा नेटवर्क तक पहुंचा शंकर
वहीं, शंकर यादव के बारे में बताया जा रहा है कि उसने धीरे-धीरे विस्फोटक कारोबार में अपनी पकड़ बनाई। जमीन कारोबार और अन्य गतिविधियों के बाद वह विस्फोटक सप्लाई के धंधे में आया।
सूत्रों के मुताबिक, महेश और शंकर की जोड़ी लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय थी और कई जगहों तक विस्फोटक पहुंचाने की आशंका जताई जा रही है।
छापे से पहले आसनसोल में छिपे थे दोनों
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जब बांकुड़ा विस्फोट मामले में कोडरमा कनेक्शन सामने आया तो दोनों आरोपी कुछ समय के लिए पश्चिम बंगाल के आसनसोल में चले गए थे। NIA को उनकी वापसी की सूचना मिली, जिसके बाद कार्रवाई कर दोनों को दबोच लिया गया।
अब NIA दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोटक नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और यह अवैध सप्लाई कितने क्षेत्रों तक फैली हुई थी।
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