रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC-CGL और CDPO भर्ती परीक्षा से चयनित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार के उन आदेशों पर रोक लगा दी, जिनके तहत इन परीक्षाओं को रद्द किया गया था। कोर्ट ने राज्य सरकार से मामले में जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद नौकरी गंवाने वाले सफल अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। धरनास्थल पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया। खुशी के बीच राष्ट्रगान गाया गया और भारत माता के जयकारे लगाए गए।
सफल अभ्यर्थियों को मिली बड़ी राहत
JSSC-CGL परीक्षा के आधार पर नियुक्त किए गए कई अभ्यर्थियों की नौकरी राज्य सरकार के 17 अगस्त के फैसले के बाद समाप्त मानी जा रही थी। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का हवाला देते हुए 22 परीक्षाएं रद्द कर दी थीं।
इनमें JSSC-CGL के अलावा JPSC की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाएं भी शामिल थीं। मामले की जांच CID को सौंपी गई है।
सरकार के फैसले के खिलाफ सफल अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे थे। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें फिलहाल राहत मिली है।
JPSC परीक्षा पर भी रोक
एक दिन पहले हाईकोर्ट ने JPSC की 11वीं-13वीं सिविल सेवा और फूड सेफ्टी अफसरों की नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के फैसले पर भी रोक लगाई थी। कोर्ट ने अगले आदेश तक नियुक्तियों से जुड़े फैसले पर रोक लगाते हुए संबंधित अभ्यर्थियों को काम जारी रखने की राहत दी थी।
JSSC-CGL और CDPO मामले में भी कोर्ट के ताजा आदेश के बाद सफल अभ्यर्थियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, अंतिम फैसला मामले की आगे की सुनवाई और कोर्ट के आदेशों पर निर्भर करेगा।
रांची में प्रदर्शन के दौरान हंगामा
इधर, भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन भी जारी रहा। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के आह्वान पर रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी का पुतला दहन करने की तैयारी की गई थी।
छात्र मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से जुलूस निकालकर अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचना चाहते थे। इसी दौरान शहीद चौक के पास हंगामा हो गया।
छात्रों का आरोप है कि झामुमो कार्यकर्ताओं ने पुतला छीनने की कोशिश की और उनके साथ मारपीट की। वहीं पुलिस का कहना है कि छात्रों के निर्धारित रूट बदलने के कारण स्थिति बिगड़ी।
हंगामे के दौरान छात्रों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और इस्तीफे की मांग की।
हजारीबाग में पुलिस और छात्रों के बीच टकराव
हजारीबाग के मटवारी गांधी मैदान में भी पुलिस और छात्रों के बीच टकराव की स्थिति बनी। छात्रों के अनुसार वे पुतला दहन की तैयारी कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने लाठी चलाकर मैदान खाली करा दिया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि इस दौरान झामुमो के कार्यकर्ता भी मौजूद थे। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गिरिडीह में भी हंगामा
गिरिडीह के झंडा मैदान में भी पुतला दहन की तैयारी के दौरान विवाद हो गया। छात्र संगठनों का आरोप है कि झामुमो कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुतला दहन का विरोध करते हुए छात्रों के साथ मारपीट की।
भर्ती परीक्षाओं को लेकर राज्य में लगातार बढ़ रहे विरोध के बीच छात्र संगठनों ने सरकार पर निष्पक्ष जांच और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय देने का दबाव बढ़ा दिया है।
24 अगस्त से भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने 24 अगस्त से ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ शुरू करने की घोषणा की है। यात्रा की शुरुआत शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा से करने की योजना है।
इसके बाद यात्रा राज्य के सभी 24 जिलों के मुख्यालयों, प्रमुख चौक-चौराहों, विश्वविद्यालयों और लाइब्रेरी क्षेत्रों तक ले जाने की बात कही गई है।
उन्होंने सरकार से 15 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में मजबूती से पक्ष रखने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर मुख्यमंत्री आवास के घेराव और राज्यव्यापी अनिश्चितकालीन चक्का जाम की चेतावनी भी दी गई है।
18 अगस्त से धरने पर थे अभ्यर्थी
JSSC-CGL की नियुक्तियां रद्द होने के बाद प्रभावित अभ्यर्थी 18 अगस्त से आंदोलन कर रहे थे। गुरुवार को उन्होंने प्रोजेक्ट भवन के सामने धरना दिया था और शाम को मोरहाबादी से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा यात्रा निकाली थी।
शुक्रवार को हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद अभ्यर्थियों ने धरना समाप्त कर दिया। उनका कहना है कि अब उनकी लड़ाई अदालत के माध्यम से जारी रहेगी।
सरकार ने 22 परीक्षाएं की थीं रद्द
झारखंड सरकार ने 17 अगस्त को JPSC और JSSC की 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया था। सरकार ने इन परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का हवाला दिया था। मामले की जांच CID को सौंपी गई है।
सरकार के फैसले से इन परीक्षाओं के आधार पर नियुक्त करीब 2394 अधिकारियों का भविष्य प्रभावित हुआ था। अब हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद सफल अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिली है।
जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना-प्रदर्शन पर रोक
इधर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना-प्रदर्शन पर 60 दिनों के लिए रोक लगा दी गई है। सदर SDO कुमार रजत ने आदेश जारी कर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, धरना-प्रदर्शन और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगाई है।
आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। छात्र संगठनों ने इससे पहले यहां करीब 26 दिनों तक विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन किया था।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश ने सफल अभ्यर्थियों को तत्काल राहत दी है, लेकिन भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और सरकार के फैसले पर अंतिम स्थिति 15 सितंबर की अगली सुनवाई के बाद और स्पष्ट होगी।
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