गया: बारिश ने एक बार फिर इमामगंज प्रखंड के मंझौली पंचायत के ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ा दी है। भूतही नदी पर गांवों को जोड़ने के लिए बनाई गई छोटी पुलिया तेज पानी के बहाव में बह गई। बताया जा रहा है कि यह पुलिया तीसरी बार बारिश की मार नहीं झेल सकी है। पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से निजामडीह, बिराजवती, उमैन, मल्लहा जोत, बाघा डावर और कलामी समेत करीब एक दर्जन गांवों का सीधा संपर्क प्रभावित हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, महज 10 दिन पहले ह्यूम पाइप के सहारे पुलिया तैयार की गई थी। बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ा और तेज बहाव के दबाव में पुलिया बह गई। इसके साथ ही ग्रामीणों के लिए आवागमन का संकट फिर खड़ा हो गया।
बार-बार टूटती है पुलिया, हर बार बढ़ती है परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि भूतही नदी पर पुलिया बहने की समस्या नई नहीं है। बारिश के मौसम में हर साल इसी तरह आवागमन बाधित होता है। ग्रामीणों के मुताबिक स्थायी पुलिया बनाने के बजाय अस्थायी व्यवस्था के सहारे समस्या को टालने की कोशिश की जाती है, लेकिन नदी का पानी बढ़ते ही यह व्यवस्था जवाब दे देती है।
पुलिया टूटने के बाद बच्चों को स्कूल जाने, किसानों को खेतों तक पहुंचने और ग्रामीणों को बाजार सहित अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है। लोगों को अब वैकल्पिक रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
जान जोखिम में डालकर नदी पार कर रहे ग्रामीण
पुलिया बह जाने के बाद ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षित आवागमन की है। स्थानीय लोग जान जोखिम में डालकर नदी पार करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने पर बड़ा हादसा हो सकता है।
बारिश के दौरान पानी का बहाव कभी भी तेज हो सकता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों के लिए नदी पार करना बेहद जोखिम भरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगा स्थायी समाधान
ग्रामीणों ने प्रशासन से भूतही नदी पर मजबूत और स्थायी पुलिया बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि हर साल अस्थायी पुलिया बनाने और उसके बह जाने से सरकारी संसाधनों के साथ ग्रामीणों का समय भी बर्बाद होता है।
ग्रामीणों के अनुसार, नदी के बहाव और स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर ऐसी संरचना तैयार की जानी चाहिए, जो बारिश और तेज जलप्रवाह का सामना कर सके। स्थायी पुलिया बनने से करीब 12 गांवों के लोगों को पूरे साल सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
बारिश ने फिर खोल दी व्यवस्था की पोल
भूतही नदी की पुलिया का तीसरी बार बह जाना इलाके में बरसात के दौरान ग्रामीण संपर्क व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक हर बारिश में उन्हें इसी संकट का सामना करना पड़ेगा।
फिलहाल पुलिया बहने के बाद करीब एक दर्जन गांवों के लोग आवागमन की समस्या से जूझ रहे हैं और प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था कराने की मांग कर रहे हैं।
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