रांची: रांची: कागजों पर खेला गया एक ऐसा खेल, जिसने जमीन की सच्चाई ही बदल दी। झारखंड की राजधानी रांची से सामने आया यह मामला सिर्फ एक जमीन घोटाला नहीं, बल्कि सिस्टम में सेंध का बड़ा संकेत देता है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए आदिवासी और सरकारी जमीन को सामान्य बताकर करोड़ों का खेल रचा गया।
करीब 66 एकड़ जमीन, जिसकी कीमत 85 करोड़ रुपये आंकी जा रही है—अब जांच एजेंसी के रडार पर है। बताया जा रहा है कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड एक जमीन कारोबारी है, जिसे पहले ही जुलाई 2024 में गिरफ्तार किया जा चुका है।
कागज बदले, जमीन बदली, खेल शुरू
आरोप है कि कांके अंचल क्षेत्र में जमीन की असली पहचान को कागजों में बदल दिया गया। आदिवासी और भुइंहरी जमीन को सामान्य श्रेणी में दिखाकर उसकी खरीद-बिक्री की गई। सवाल ये उठता है—क्या ये सब बिना सिस्टम की मदद के संभव था?
अंदर तक पहुंची जांच
ईडी की चार्जशीट में अंचल स्तर के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। तत्कालीन अंचलाधिकारी से लेकर अन्य अधिकारियों पर रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप है। यानी मामला सिर्फ एक कारोबारी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क की ओर इशारा करता है।
छापेमारी में खुला ‘कैश कनेक्शन’
जून 2024 की छापेमारी में एक फ्लैट से करीब 1 करोड़ रुपये नकद और 100 कारतूस बरामद हुए। साथ ही कई अहम दस्तावेज मिले, जिन्होंने इस पूरे जमीन खेल की परतें खोल दीं।
फिलहाल 66 एकड़ जमीन की जब्ती पर आधिकारिक पुष्टि बाकी है, लेकिन इस मामले ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—क्या जमीन सिर्फ कागजों का खेल बनकर रह गई है?
यह सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि सिस्टम को आईना दिखाने वाली कहानी है।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: एशियन U-23 एथलेटिक्स में भारत को गोल्ड, बिहार की बेटी सेतु मिश्रा बनी जीत की हीरो!