दुमका: पुलिस का नाम सुनकर लोगों में डर पैदा करने वाले दो युवकों को अपनी ही चाल भारी पड़ गई। दुमका में खुद को पुलिसकर्मी बताकर वसूली करने पहुंचे दो युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। मामला इतना बढ़ गया कि गुस्साए ग्रामीणों ने दोनों को बिजली के खंभे से बांध दिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना मसलिया थाना क्षेत्र के पाटनपुर गांव की है। जानकारी के अनुसार, दो युवक चार पहिया वाहन से किराना दुकानदार निरंजन गोराई के घर पहुंचे थे। दोनों ने खुद को देवघर जिले के सारठ थाना की पुलिस बताकर रौब जमाना शुरू कर दिया।
युवकों ने दुकानदार और उसकी मां से पूछताछ शुरू कर दी। बताया गया कि वे कुछ महीने पहले हुई चोरी की घटना का हवाला देकर जानकारी मांग रहे थे। लेकिन उनकी बातचीत और व्यवहार देखकर दुकानदार को शक हो गया कि मामला कुछ गड़बड़ है।
मोबाइल कैमरा निकला तो खुलने लगा राज
संदेह होने पर दुकानदार ने दोनों युवकों का वीडियो बनाने के लिए मोबाइल निकाला। कैमरा देखते ही दोनों कथित पुलिसकर्मी भड़क गए। उनका रवैया देखकर दुकानदार का शक और गहरा हो गया।
इसके बाद उसने चुपके से मसलिया थाना पुलिस को सूचना दे दी। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही ग्रामीणों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया था।
ग्रामीणों ने रोका भागने का रास्ता
ग्रामीणों ने दोनों संदिग्ध युवकों को भागने से रोकने के लिए खंभे से बांध दिया। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस पहुंचने के बाद दोनों युवकों को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया।
मसलिया थाना प्रभारी राजेश रंजन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। युवकों की पहचान, उनके आपराधिक रिकॉर्ड और पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल दुमका की यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस का नाम लेकर आम लोगों को डराने और ठगने वालों के लिए यह मामला बड़ा सबक माना जा रहा है।
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