नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच केंद्र सरकार में बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को सौंपा है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब NEET पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। बिहार समेत कई राज्यों में छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया था। कई जगहों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति भी बनी।
NEET विवाद बना इस्तीफे की बड़ी वजह
NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों और विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, दोषियों पर कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल थी।
आंदोलन के दौरान बिहार, दिल्ली समेत कई जगहों पर छात्रों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। बिहार में प्रदर्शन के दौरान कई जिलों में तनाव की स्थिति बनी और प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी।
सरकार ने पहले किया था बचाव
इस्तीफे की मांग के बीच इससे पहले सरकार की ओर से कहा गया था कि परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जांच प्रक्रिया पर ध्यान दिया जा रहा है। सरकार की ओर से मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर अलग रुख भी सामने आया था।
लेकिन लगातार बढ़ते विरोध और छात्रों के आंदोलन के बीच अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
छात्र आंदोलन में दिखा था भारी आक्रोश
NEET मामले को लेकर बिहार में छात्रों ने कई जिलों में प्रदर्शन किया। पटना, सीवान, छपरा, औरंगाबाद, सीतामढ़ी समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति बनी। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
आगे क्या?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगला शिक्षा मंत्री कौन होगा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार आगे क्या कदम उठाएगी। NEET विवाद के बीच सरकार की अगली रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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