पटना (बिहार): बिहार लोक सेवा आयोग (बिहार लोक सेवा आयोग) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। लंबे इंतजार के बाद आए इस परिणाम में श्रद्धा पांडे ने टॉप कर बाजी मारी है, जबकि शशांक गौरव और आयुष बिजॉय ने क्रमशः दूसरा स्थान हासिल किया है।
आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने बताया कि यह आयोग के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती प्रक्रिया रही, जिसमें कुल 2035 पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई थी। इनमें से 2027 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति एसडीएम, डीएसपी, राज्य कर अधिकारी समेत विभिन्न प्रशासनिक पदों पर की जाएगी, जबकि दिव्यांग कोटे के 8 पद खाली रह गए हैं।
रिजल्ट जारी होने में देरी को लेकर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि इस बार भर्ती का पैमाना काफी बड़ा था। करीब 5450 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू लिया गया, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया में समय लगा। उन्होंने कहा कि पिछली परीक्षाओं की तुलना में इस बार उम्मीदवारों और पदों की संख्या कई गुना अधिक थी।
यह परीक्षा शुरुआत से ही विवादों में रही। 13 दिसंबर 2024 को आयोजित पीटी परीक्षा के दौरान नॉर्मलाइजेशन को लेकर अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया था। पटना में गर्दनीबाग में करीब दो महीने तक धरना चला। इस दौरान छात्रों और पुलिस के बीच टकराव, लाठीचार्ज और गिरफ्तारियां भी हुईं।
बापू परीक्षा परिसर में हुई गड़बड़ी के आरोपों के बाद आयोग ने केवल उसी केंद्र की परीक्षा रद्द की थी, जिसे लेकर छात्रों ने पूरे राज्य में री-एग्जाम की मांग उठाई। आंदोलन को कई चर्चित हस्तियों का समर्थन भी मिला, जिनमें प्रशांत किशोर और राहुल गांधी शामिल रहे।
भर्ती प्रक्रिया के दौरान पदों की संख्या भी कई बार बढ़ाई गई। शुरुआत में 1929 पदों से शुरू होकर अंततः इसे बढ़ाकर 2035 कर दिया गया। वहीं परीक्षा की तारीखें भी कई बार बदली गईं, जिससे अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी रही।
विरोध और विवादों के बीच भी आयोग ने अपनी चयन प्रक्रिया जारी रखी। पीटी, मेंस और इंटरव्यू के सभी चरण पूरे होने के बाद अब फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया गया है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म हो गया है।
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