पूर्वी चंपारण: आपने इंसानों के जन्मदिन में केक कटते, डीजे बजते और दावत उड़ते तो खूब देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी बकरे के जन्मदिन पर पूरा गांव जुटते देखा है? बिहार के पूर्वी चंपारण में ऐसा ही एक अनोखा आयोजन हुआ, जहां एक पालतू बकरे के जन्मदिन पर केक काटा गया, पूजा-अर्चना हुई और लोगों के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया।
मामला हरसिद्धि प्रखंड की पानापुर रंजीता पंचायत के नवका टोला गांव का है। यहां रहने वाले भिखारी प्रसाद ने अपने पालतू बकरे का जन्मदिन बिल्कुल किसी परिवार के सदस्य की तरह मनाया। बकरे का नाम भी बेहद दिलचस्प है—‘सुनील कुमार’।
पहले पूजा, फिर काटा गया केक
जन्मदिन के मौके पर बाकायदा धार्मिक आयोजन किया गया। हनुमान आराधना और पूजा-अर्चना के बाद आरती हुई और लोगों के बीच प्रसाद बांटा गया। इसके बाद जन्मदिन का अगला कार्यक्रम शुरू हुआ और बकरे के लिए केक काटा गया।
आयोजन में आसपास के गांवों के लोग भी पहुंचे। देखते ही देखते यह पारिवारिक आयोजन गांव के लिए कौतूहल का विषय बन गया।
बकरे के जन्मदिन पर गांव में भोज
जन्मदिन सिर्फ केक तक सीमित नहीं रहा। मौके पर भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें महिला, पुरुष और बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही नाच-गान का भी कार्यक्रम रखा गया।
यानी ‘सुनील कुमार’ के जन्मदिन में पूजा भी हुई, केक भी कटा और गांव में भोज भी हुआ।
मालिक बोले- परिवार का सदस्य है सुनील
भिखारी प्रसाद के मुताबिक उनका पालतू बकरा लंबे समय से उनके परिवार के साथ रह रहा है। परिवार के लोगों को उससे काफी लगाव है और वह अब उनके लिए महज एक पशु नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य जैसा है। इसी भावनात्मक जुड़ाव के चलते उन्होंने उसका जन्मदिन मनाने का फैसला किया।
सोशल मीडिया पर भी छाया अनोखा बर्थडे
आयोजन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह अनोखा जन्मदिन चर्चा में आ गया। लोग बकरे के नाम से लेकर उसके जन्मदिन के अंदाज तक पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
किसी ने जन्मदिन में केक काटा, किसी ने पूजा कराई और किसी ने दावत दी… लेकिन पूर्वी चंपारण के ‘सुनील कुमार’ को मिला बर्थडे सेलिब्रेशन शायद इस गांव में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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