शेखपुरा/जमुई: जमुई की मिट्टी से निकली एक कहानी आज हर उस लड़की के लिए प्रेरणा बन गई है, जो सपनों को हकीकत में बदलना चाहती है। कपासी गांव की बहू ब्यूटी कुमारी ने जैविक खेती जैसे विषय पर शोध कर पीएचडी की उपाधि हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन कर दिया।
मगध विश्वविद्यालय के पीजी अर्थशास्त्र विभाग की शोधार्थी ब्यूटी कुमारी को 7 मई 2026 को “जमुई जिला के संदर्भ में किसानों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास पर जैविक खेती का प्रभाव” विषय पर यह डिग्री प्रदान की गई।

उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ. रविशंकर जमुआर के निर्देशन में पूरा किया, जबकि मूल्यांकन महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रोफेसर डॉ. मुन्नीलाल द्वारा किया गया।
उनकी रिसर्च सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जमीन से जुड़ी हकीकत को सामने लाई। उन्होंने अपने अध्ययन में किसानों की आय, जीवन स्तर, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि लागत और पर्यावरण जैसे अहम पहलुओं को शामिल किया।
शोध में यह सामने आया कि जैविक खेती न केवल किसानों की कमाई बढ़ा रही है, बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित रख रही है—यानी “खेती भी फायदे की, और प्रकृति भी सुरक्षित।”
ब्यूटी कुमारी की इस उपलब्धि से गांव में जश्न का माहौल है। परिवार से लेकर विश्वविद्यालय तक हर कोई गर्व महसूस कर रहा है। एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।
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शेखपुरा जिला से निवास कुमार की रिपोर्ट…