पटना: बिहार के संग्रहालयों को अब नई ऊर्जा मिलने जा रही है। कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में नवनियुक्त 9 सहायक संग्रहालयाध्यक्षों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर मंत्री ने कहा कि बिहार के संग्रहालयों की पहचान विश्व पटल पर विशिष्ट है और इन्हें और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री ने कहा कि राज्य में कुल 26 संग्रहालय हैं, लेकिन लंबे समय से कई पद रिक्त थे, जिससे उनके संचालन और संरक्षण कार्य प्रभावित हो रहा था। विभागीय प्रयासों से अब इन रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया तेज की गई है, जिससे संग्रहालयों के संरक्षण और विकास कार्यों में गति आएगी।
उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि बिहार की सांस्कृतिक विरासत को और बेहतर ढंग से संरक्षित किया जा सके। मंत्री ने यह भी कहा कि बिहार के संग्रहालय अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के कारण पूरे विश्व में विशेष पहचान रखते हैं।
विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार, विभिन्न नवनियुक्त अधिकारियों को राज्य के प्रमुख संग्रहालयों में पदस्थापित किया गया है। इनमें वैशाली स्थित बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप, मुजफ्फरपुर का रामचंद्र शाही संग्रहालय, गया संग्रहालय, बक्सर का सीताराम उपाध्याय संग्रहालय, जगदीशपुर का बाबू वीर कुंवर सिंह स्मृति संग्रहालय, नवादा का नारद संग्रहालय, छपरा संग्रहालय, दरभंगा का चंद्रधारी संग्रहालय, लखीसराय संग्रहालय और बेगूसराय संग्रहालय शामिल हैं।
इस अवसर पर विभाग के सचिव प्रणव कुमार, सांस्कृतिक निदेशालय की निदेशिका रूबी, संग्रहालय निदेशक कृष्ण कुमार, उप सचिव महमूद आलम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से न केवल संग्रहालयों की व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के प्रयासों को भी नई दिशा मिलेगी।
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ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड