यूपी के संत कबीर नगर अंतर्गत मेंहदावल के डाक बंगले में रविवार को सिर्फ एक बैठक नहीं हुई, बल्कि पत्रकारों के हक की आवाज को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया। ‘इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन’ की इस अहम बैठक में संगठन ने एक बार फिर अनुभव और भरोसे पर मुहर लगाई—और धर्मेन्द्र मिश्रा को लगातार तीसरी बार तहसील अध्यक्ष चुन लिया गया।
बैठक का माहौल औपचारिक कम और संकल्प से भरा ज्यादा नजर आया। वरिष्ठ पत्रकारों और पदाधिकारियों ने साफ कहा कि बदलते दौर में पत्रकारिता सिर्फ खबर लिखने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब अपने अधिकारों और सम्मान की लड़ाई भी उतनी ही जरूरी हो गई है। जिलाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पांडेय, के डी सिद्दीकी और सुनील यादव ने पत्रकारों के सामने आ रही चुनौतियों और गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए एकजुटता पर जोर दिया।
तीसरी बार जिम्मेदारी मिलने के बाद धर्मेन्द्र मिश्रा ने भी अपने तेवर साफ कर दिए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पद नहीं, बल्कि भरोसे की जिम्मेदारी है—और इस भरोसे को निभाने के लिए संगठन हर मोर्चे पर संघर्ष करेगा। खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के पत्रकारों को जोड़कर संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने की बात उन्होंने कही।
बैठक में सिर्फ पदों का बंटवारा नहीं हुआ, बल्कि पत्रकारों के भविष्य को लेकर ठोस योजनाएं भी बनीं। आयुष्मान कार्ड, बीमा जैसी सुविधाओं को लेकर रणनीति तैयार की गई, ताकि पत्रकारों को स्वास्थ्य और सुरक्षा के स्तर पर भी मजबूती मिल सके।
इस दौरान मौजूद पत्रकारों ने धर्मेन्द्र मिश्रा के पिछले कार्यकाल की सक्रियता और समर्पण को याद करते हुए एक सुर में उनका समर्थन किया। माला पहनाकर स्वागत हुआ, तालियों की गूंज के बीच उन्हें फिर से नेतृत्व सौंपा गया—और इसी के साथ यह संदेश भी गया कि संगठन अब सिर्फ नाम का नहीं, बल्कि काम का बनेगा।
कुल मिलाकर, यह बैठक एक चुनाव से कहीं ज्यादा थी—यह पत्रकारों की एकजुटता, अधिकार और संघर्ष की नई शुरुआत का ऐलान बन गई।
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