लखीसराय में गुरुवार को इतिहास, सम्मान और शक्ति का अनोखा संगम देखने को मिला। मौका था वीर कुंवर सिंह की 249वीं जयंती का, जिसे यहां विजयोत्सव के रूप में मनाया गया।
शहर के बायपास रोड स्थित शिवाय गार्डेन सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में सिर्फ श्रद्धांजलि ही नहीं, बल्कि समाज की एकजुटता और प्रभाव का भी खुला प्रदर्शन देखने को मिला।

कार्यक्रम की अध्यक्षता साधु शरण सिंह ने की, जबकि बतौर मुख्य अतिथि राम कुमार सिंह मौजूद रहे। समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पारंपरिक “राजपूताना ठाठ-बाट” में शामिल हुए, जिससे माहौल गौरवमयी बन गया।
शुरुआत वीर कुंवर सिंह की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद वक्ताओं ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उनकी वीरता, साहस और अंग्रेजों के खिलाफ उनके संघर्ष की गाथा सुनाई।

कार्यक्रम के दौरान वीर रस से ओत-प्रोत कविताएं गूंजती रहीं—“अस्सी वर्षों के हड्डी में, वह जागा जोश पुराना था…” जिसने पूरे माहौल को जोश और गर्व से भर दिया।
इस मौके पर समाज के लोगों को प्रतीक स्वरूप पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने युवाओं से सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान बनाए रखने का आह्वान किया।

इसके साथ ही शहर के पंजाबी मोहल्ला स्थित वरिष्ठ पत्रकार डॉ. लक्ष्मी प्रसाद सिंह के आवास पर भी वीर कुंवर सिंह की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वेद ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंन के चेयरमैन डॉ. ओमप्रकाश शामिल हुए, जिनका आयोजक द्वारा बुके देकर स्वागत किया गया।
इस अवसर पर रंजीत सम्राट, समाजसेवी कामेश्वर मंडल, अभिषेक पटेल, पत्रकार राजेश कुमार एवं सुनील कुमार सहित अन्य लोगों ने वीर कुंवर सिंह की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। कार्यक्रम के दौरान उनके शौर्य और देशभक्ति को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
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