लखीसराय में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास निगम की ओर से जागरूकता अभियान को तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) बंदना पांडेय ने खेल संगठनों, समाजसेवियों और आम नागरिकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
यह बैठक महिला एवं बाल विकास निगम (ICDS) कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें नगर परिषद लखीसराय के सभापति अरविंद पासवान, जिला फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव बबलू शर्मा, अध्यक्ष दीपक कुमार, मीडिया प्रभारी अभिनंदन कुमार, समाजसेवी अमरजीत देवगन सहित विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान डीपीओ बंदना पांडेय ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इससे उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से लड़कियां इस कुप्रथा से सबसे अधिक प्रभावित होती हैं।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले और लड़कों की शादी 21 वर्ष से पहले करना कानूनी अपराध है, और ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डीपीओ ने खेल संगठनों और समाज के जिम्मेदार लोगों से अपील की कि वे अपने-अपने स्तर पर लोगों को जागरूक करें और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन, स्कूल, कॉलेज, खेल संगठन और समाज के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है।
इस अवसर पर हब के जिला मिशन समन्वयक प्रशांत कुमार, लैंगिक विशेषज्ञ किस्मत कुमारी, शक्ति सदन की अधीक्षिका निभा कुमारी, सखी वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक पूनम कुमारी और सौरभ कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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