लखीसराय के DAV पब्लिक स्कूल में इस बार नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कुछ खास अंदाज में हुई। यहां किताबों और क्लासरूम से पहले वातावरण गूंज उठा वैदिक मंत्रोच्चार से, जहां यज्ञ-हवन और पुष्प वर्षा के बीच सत्र 2026–27 का शुभारंभ किया गया।
विद्यालय परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में रंगा नजर आया। प्राचार्य डॉ. निरंजन कुमार ने मुख्य यजमान के रूप में यज्ञ का संचालन किया, जिसमें शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक पूरे श्रद्धा भाव से शामिल हुए। सभी ने आहुति अर्पित कर नए सत्र के लिए मंगलकामनाएं कीं।
कार्यक्रम की खास बात रही पुष्प वर्षा और छात्रों को तिलक लगाकर स्वागत करना, जिससे पूरे आयोजन में भारतीय परंपरा की झलक साफ दिखाई दी। नए छात्रों का विशेष स्वागत करते हुए उन्हें DAV परिवार का हिस्सा बनने पर शुभकामनाएं दी गईं।
अपने संबोधन में प्राचार्य ने छात्रों को अनुशासन, मेहनत और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मतलब सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान बनना भी है। उन्होंने बच्चों से समय का पालन करने, शिक्षकों का सम्मान करने और अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखने की अपील की।
प्राचार्य ने यह भी कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला और अन्य गतिविधियों में भाग लेना भी उतना ही जरूरी है। असफलता से डरने की बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ने का संदेश भी उन्होंने दिया।
कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया और वरिष्ठ शिक्षक एन.आर. नायक ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ आयोजन का समापन किया।
यह आयोजन न सिर्फ नए सत्र की शुरुआत बना, बल्कि छात्रों के मन में भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान और जुड़ाव को भी मजबूत करने का माध्यम बना।
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