लखीसराय: भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं गणना को लेकर लखीसराय समाहरणालय स्थित मंत्रणा कक्ष में आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया।
अंतिम दिन प्रशिक्षणार्थियों में विशेष उत्साह और गंभीरता देखने को मिली। अधिकारियों एवं मास्टर ट्रेनरों ने पूर्व के सत्रों की पुनरावृत्ति कराते हुए फील्ड में कार्य निष्पादन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।
प्रशिक्षण के दौरान परगणकों और पर्यवेक्षकों को डिजिटल माध्यम से जनगणना कार्य करने के सभी चरणों का अभ्यास कराया गया, ताकि वास्तविक कार्य के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो। डेटा की शुद्धता, समयबद्ध अपलोडिंग और फील्ड में आने वाली जटिल परिस्थितियों से निपटने के तरीकों पर विशेष जोर दिया गया।
जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र ने अपने संबोधन में जनगणना के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह देश के विकास की आधारभूत प्रक्रिया है। इसके आंकड़े विभिन्न सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रणाली पर आधारित होगी, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने परगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि मकान सूचीकरण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रत्येक प्रविष्टि सावधानीपूर्वक दर्ज की जाए। साथ ही पर्यवेक्षकों को अपने अधीन कर्मियों की नियमित निगरानी कर गुणवत्ता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
कार्यक्रम में अपर समाहर्ता नीरज कुमार, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी राम विनोद यादव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला योजना पदाधिकारी आशुतोष कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
मास्टर ट्रेनर के रूप में पिंटू कुमार एवं कुमार गौरव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जबकि राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी राधेश्याम कुमार की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
समापन के साथ ही सभी प्रशिक्षणार्थियों को आगामी जिम्मेदारियों के सफल निर्वहन के लिए शुभकामनाएं दी गईं।
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