शेखपुरा: तमिलनाडु के चेन्नई में एक ही परिवार के तीन लोगों की नृशंस हत्या ने शेखपुरा जिले में उबाल ला दिया। पथलाफार गांव निवासी गौरव कुमार, उनकी पत्नी और डेढ़ साल के मासूम बेटे की हत्या के विरोध में शनिवार को शेखपुरा जिला मुख्यालय के त्रिमुहानी मोड़ पर लोगों ने सड़क जाम कर दिया। इस प्रदर्शन में मृतक के परिजनों के साथ बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थानों से जुड़े छात्र भी शामिल रहे, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील व विवादित हो गया।
सड़क जाम के कारण शेखपुरा–बरबीघा–लखीसराय मुख्य मार्ग पर करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अचानक हुए जाम से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गौरव कुमार का शव पिछले सप्ताह किसी तरह चेन्नई से लाया गया, जिसमें करीब एक लाख रुपये खर्च हो गए। इसके बाद चेन्नई में ही उनकी पत्नी और डेढ़ साल के बेटे का शव भी बरामद हुआ, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार अब दोनों शवों को वापस लाने में असमर्थ है। परिजनों ने आरोप लगाया कि न तो राज्य सरकार और न ही प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस मदद मिली है।
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आक्रोशित लोगों की मुख्य मांग थी कि सरकार तत्काल हस्तक्षेप कर गौरव की पत्नी और बच्चे के शव को शेखपुरा लाने की व्यवस्था करे और पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अगर समय रहते मदद नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
सड़क जाम की सूचना मिलते ही नगर थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया और काफी मशक्कत के बाद जाम समाप्त कराया। हालांकि, इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।
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नगर थाना अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने जाम में कोचिंग के छात्र-छात्राओं के शामिल होने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि छात्रों को इस तरह के प्रदर्शन में शामिल करना गलत है और इसकी जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि किसी कोचिंग संचालक की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तीन हत्याओं की इस घटना और उसके बाद हुए सड़क जाम ने न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवार को कब और कैसे राहत पहुंचाता है।