लखीसराय: त्योहार केवल खुशियां मनाने का अवसर नहीं होते, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का भी माध्यम बनते हैं। इसी उद्देश्य के साथ धनतेरस, दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ के अवसर पर पिपरिया प्रखंड अंतर्गत लाल इंटरनेशनल स्कूल की वलीपुर शाखा में शुक्रवार को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर भक्ति, उल्लास और पारंपरिक लोकसंस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के लिए विद्यालय परिसर को रंग-बिरंगे फूलों, दीपों और पारंपरिक पूजन सामग्रियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर दीपावली और छठ महापर्व की परंपराओं को अपनी प्रस्तुति के माध्यम से जीवंत किया।

नन्हे बच्चों ने राम दरबार की पूजा कर उतारी आरती
कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की पूजा-अर्चना की। नन्हे विद्यार्थियों ने श्रद्धापूर्वक आरती उतारी और सुख, समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की। बच्चों की इस धार्मिक प्रस्तुति ने विद्यालय परिसर में भक्तिमय वातावरण बना दिया।

सूप-दउरा लेकर छठ घाट पहुंचे बच्चे, अर्घ्य की रस्म की प्रस्तुत
लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर भी बच्चों ने विशेष प्रस्तुति दी। पारंपरिक छठ गीतों के माध्यम से उन्होंने बिहार की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक दिखाई। बच्चों ने सूप, दउरा, फल-फूल और पारंपरिक पूजन सामग्रियों के साथ छठ पर्व की रस्मों को प्रदर्शित किया। छठ घाट पहुंचने और भगवान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने की परंपरा का भी प्रतीकात्मक मंचन किया गया।
नन्हे विद्यार्थियों की इस प्रस्तुति में छठ पर्व की आस्था, सादगी और पारिवारिक-सामाजिक जुड़ाव की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि नई पीढ़ी भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक पर्वों के महत्व को समझे और उनसे जुड़ी रहे।

किताबी ज्ञान के साथ संस्कार और संस्कृति से जोड़ना उद्देश्य
विद्यालय की प्राचार्या मनीषा कुमारी ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। दीपावली और छठ जैसे पर्व हमें स्वच्छता, प्रकृति के प्रति सम्मान, सामाजिक सद्भाव और आपसी सहयोग का संदेश देते हैं।
उन्होंने बच्चों के उत्साह और उनकी मनमोहक प्रस्तुति की प्रशंसा की। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि बचपन से ही बच्चों को भारतीय त्योहारों और लोक परंपराओं से परिचित कराना जरूरी है, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक विरासत को समझ सकें और आने वाली पीढ़ियों तक उसे आगे बढ़ा सकें।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से जिलेवासियों को दीपावली और छठ महापर्व की शुभकामनाएं दी गईं।

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