शेखपुरा: नशे के खिलाफ जागरूकता की मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से घाटकुसुम्बा प्रखंड में महिलाओं ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। जीविका दीदियों और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बहनों ने संयुक्त रूप से विशाल नशामुक्ति जागरूकता रैली निकालकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। इस अभियान में 100 से अधिक महिलाओं, जीविका दीदियों और संकुल स्तरीय कैडरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने स्वयं, अपने परिवार और समाज को नशे की बुराई से बचाने तथा नशामुक्त बिहार के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली।
बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी नशामुक्ति अभियान के तहत 3 नवंबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन जीविका एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, शेखपुरा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। दीप प्रज्वलन जीविका दीदियों, ब्रह्माकुमारी संस्थान की बहनों और प्रखंड परियोजना प्रबंधक (BPM) ने संयुक्त रूप से किया।
नशा सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार और समाज को करता है प्रभावित
कार्यक्रम के शुरुआती सत्र में नशामुक्ति विषय पर विस्तृत परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें ब्रह्माकुमारी बहनों ने नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि नशे की लत किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और सामाजिक व्यवस्था पर पड़ता है। नशे के कारण पारिवारिक रिश्तों में तनाव, आर्थिक परेशानियां और सामाजिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए नशे से बचाव के लिए व्यक्तिगत जागरूकता के साथ-साथ सामूहिक प्रयास भी जरूरी है।
उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें तथा नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करें।
हाथों में तख्तियां, नारों के साथ बाजार और मोहल्लों में पहुंचा जागरूकता संदेश
परिचर्चा सत्र के बाद घाट कुसुम्बा प्रखंड के मुख्य बाजार, गांवों और मोहल्लों में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में शामिल महिलाएं हाथों में नशामुक्ति के संदेश लिखी तख्तियां लेकर चल रही थीं। इस दौरान ‘नशा छोड़ो-परिवार जोड़ो’ और ‘नशा मुक्त बिहार-खुशहाल बिहार’ जैसे नारों के माध्यम से आम लोगों को जागरूक किया गया।
रैली के दौरान महिलाओं ने लोगों से नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने की अपील की। महिलाओं की सामूहिक भागीदारी ने इस अभियान को जनजागरूकता का व्यापक रूप दिया।
गांव-गांव तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प
इस कार्यक्रम की खास बात जीविका दीदियों की सक्रिय भागीदारी रही। उन्होंने शुरुआत से लेकर कार्यक्रम के समापन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जीविका दीदियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने ग्राम संगठनों के माध्यम से प्रत्येक परिवार तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाएंगी। उनका प्रयास रहेगा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर इस सामाजिक बुराई से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाए।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं, ग्रामीणों और कर्मियों को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई गई। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिवार को व्यसनमुक्त रखने और समाज में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
घाट कुसुम्बा प्रखंड में आयोजित यह अभियान इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि आम लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। जीविका दीदियों और ब्रह्माकुमारी बहनों ने इस मुहिम के जरिए महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और सामूहिक संकल्प की ताकत को सामने रखा।
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