आरा (भोजपुर): बिहार में अवैध हथियार और कारतूस तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ पटना एसटीएफ और भोजपुर जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। कोईलवर थाना क्षेत्र के कुल्हड़िया टोल प्लाजा के पास सोमवार को पुलिस ने एक एसयूवी कार से 19 हजार 200 कारतूस बरामद किए हैं। मौके से तीन कथित अंतरराज्यीय हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी उत्तर प्रदेश से कारतूसों की खेप लेकर बिहार पहुंचे थे और इसे राज्य के अलग-अलग जिलों में सप्लाई करने की तैयारी में थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से अलग-अलग बोर के कुल 19,200 कारतूस के अलावा पांच मोबाइल फोन, एक मैगजीन और एक पिस्टल भी जब्त की है। बरामद कारतूसों की सरकारी कीमत करीब 12 लाख रुपये बताई गई है, जबकि खुले बाजार में इनकी कीमत लगभग 20 लाख रुपये होने का अनुमान है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों, कारतूसों के स्रोत और इनके खरीदारों का पता लगाने में जुटी है।
टोकरी और कार की डिक्की में छिपाकर रखे गए थे कारतूस
पुलिस के अनुसार, कारतूसों को काले रंग की पॉलिथीन में पैक किया गया था। इसके बाद उन्हें टोकरी और एसयूवी की डिक्की में छिपाकर रखा गया था, ताकि सामान्य जांच के दौरान खेप पर आसानी से किसी की नजर न पड़े। गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने कुल्हड़िया टोल प्लाजा के पास संदिग्ध एसयूवी को रोकने के लिए घेराबंदी की थी।
पुलिस को देखकर भागने की कोशिश, दो कारों को मारी टक्कर
जानकारी के मुताबिक, संदिग्ध एसयूवी जैसे ही कुल्हड़िया टोल प्लाजा के पास पहुंची, पुलिस टीम ने उसे घेर लिया। पुलिस को सामने देखकर कार सवारों ने भागने की कोशिश की। इसी दौरान गाड़ी मोड़ने के क्रम में पीछे से आ रही एक कार को टक्कर लग गई। इसके बाद आगे निकलने की कोशिश में एसयूवी ने सामने से आ रही दूसरी कार को भी टक्कर मार दी। दोनों कारों के अगले हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। हालांकि, पुलिस टीम ने घेराबंदी बनाए रखी और एसयूवी में सवार तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
मुजफ्फरपुर और सीवान के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी निवासी सारस कुमार, फतेहपुर निवासी लल्टू कुमार और सीवान जिले के माधवपुर तरवारा निवासी चंदन तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चंदन तिवारी इस गिरोह का प्रमुख सदस्य और कथित सरगना है।
सीवान सदर एसडीपीओ प्रांजल ने चंदन तिवारी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि चंदन का संबंध अंतरराज्यीय हथियार और कारतूस तस्करी के नेटवर्क से रहा है। हालांकि, गिरोह में उसकी वास्तविक भूमिका और नेटवर्क के विस्तार की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
उत्तर प्रदेश से बिहार लाई गई थी खेप
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी उत्तर प्रदेश से कारतूसों की बड़ी खेप लेकर बिहार आ रहे थे। उनकी योजना इन कारतूसों को मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सुपौल, सीवान समेत उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों में पहुंचाने की थी। पुलिस को आशंका है कि इस तस्करी नेटवर्क के तार बिहार के कई जिलों से जुड़े हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी उत्तर प्रदेश से कम कीमत पर कारतूस खरीदकर बिहार में अधिक कीमत पर बेचते थे। मुजफ्फरपुर के अहियापुर इलाके को लेकर भी पुलिस तस्करी नेटवर्क के संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।
STF के एसपी अंजनी सिंह पहुंचे कोईलवर
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ के एसपी अंजनी सिंह स्वयं कोईलवर पहुंचे और कार्रवाई की जानकारी ली। भोजपुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कारतूस किससे खरीदे गए थे, बिहार में किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए छापेमारी कर रही है। इतनी बड़ी संख्या में कारतूसों की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां इस खेप के संभावित इस्तेमाल और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि, अभी तक किसी बड़े हमले या बिहार को दहलाने की साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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