बगहा: करीब 12 वर्षीय मासूम दुर्गा कुमारी के अपहरण और हत्या के मामले में बगहा व्यवहार न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने मामले में दोषी करार दी गई ज्ञान्ती देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं, अपहरण के मामले में दोषी को सात वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
यह मामला गोबरहिया थाना कांड संख्या 16/025 से जुड़ा है। मामले में मृत बच्ची के पिता शंकर मांझी ने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। चार नवंबर 2025 को चौकीदार के माध्यम से परिजनों को बच्ची की मौत की सूचना मिली थी। घटना के बाद मामले में न्यायिक कार्रवाई शुरू हुई।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ज्ञान्ती देवी को दोषी ठहराया गया। इसके बाद अदालत ने अपहरण और हत्या से जुड़े मामले में सजा का ऐलान किया। हत्या के मामले में आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड, जबकि अपहरण के मामले में सात वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
अदालत के आदेश के अनुसार, जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, इस मामले में जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। कोर्ट के इस फैसले के साथ मासूम दुर्गा के अपहरण और हत्या से जुड़े मामले में न्यायिक प्रक्रिया का अहम चरण पूरा हुआ।