नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने दो प्रमुख आर्थिक और वाणिज्यिक महानगरों बेंगलुरु और मुंबई के बीच आधुनिक रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में नई पहल की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को एसएमवीटी बेंगलुरु से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी), मुंबई के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, एच.डी. कुमारस्वामी, रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना, राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन से बेंगलुरु और मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक और सुविधाजनक रात्रिकालीन रेल सेवा का एक नया विकल्प मिलेगा। इस सेवा से पेशेवरों, उद्यमियों, छात्रों, व्यापारियों, व्यावसायिक यात्रियों और पर्यटकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के कई महत्वपूर्ण शहरों के बीच रेल संपर्क भी मजबूत होगा।
बेंगलुरु से शाम 7:45 बजे चलेगी, अगले दिन मुंबई पहुंचेगी
रेलवे की ओर से जारी समय-सारणी के अनुसार, बेंगलुरु से यह ट्रेन शाम 7:45 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन मुंबई से रात 8:10 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 12 बजे एसएमवीटी बेंगलुरु पहुंचेगी।
यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। बेंगलुरु से चलने वाली ट्रेन सोमवार को और मुंबई से चलने वाली ट्रेन मंगलवार को नहीं चलेगी। रात के समय यात्रा की सुविधा मिलने से यात्रियों को दिन का समय अपने कामकाज, कारोबार और अन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
तीन राज्यों के कई महत्वपूर्ण शहरों को मिलेगा लाभ
बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस अपने मार्ग में अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, यादगीर, वाडी, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों को जोड़ेगी। इससे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के यात्रियों को लंबी दूरी की यात्रा के लिए बेहतर रेल विकल्प उपलब्ध होगा।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह ट्रेन देश की आईटी और स्टार्टअप राजधानी बेंगलुरु को वित्तीय राजधानी मुंबई से जोड़ेगी। उत्तर कर्नाटक के रायचूर, यादगीर और कलबुर्गी जैसे क्षेत्रों को भी आधुनिक रात्रिकालीन रेल सेवा का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले इन क्षेत्रों में प्रीमियम रेल सेवाओं की उपलब्धता सीमित थी।
बिहार, बंगाल और असम के प्रवासी परिवारों को भी होगा फायदा
केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने नई ट्रेन सेवा का स्वागत करते हुए कहा कि बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर के साथ प्रस्तावित अन्य रेल सेवाओं से कर्नाटक के लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने विशेष रूप से बेंगलुरु में रहने वाले पश्चिम बंगाल, असम और बिहार सहित विभिन्न राज्यों के प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, बेहतर रेल संपर्क से इन यात्रियों की आवाजाही और पारिवारिक यात्राएं सुविधाजनक हो सकेंगी।
बेंगलुरु से मंगलुरु के बीच भी शुरू हो सकती है वंदे भारत सेवा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कर्नाटक के लिए आने वाले समय में रेल सेवाओं के विस्तार की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मार्ग पर विद्युतीकरण का काम पूरा होने और सफल परीक्षण के बाद अगले कुछ सप्ताह में बेंगलुरु और मंगलुरु के बीच वंदे भारत सेवा शुरू होने की उम्मीद है। इससे बेंगलुरु और तटीय कर्नाटक के बीच संपर्क बेहतर होगा।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि कर्नाटक के लिए अगली वंदे भारत स्लीपर सेवा बेंगलुरु से शुरू करने की योजना है। यह ट्रेन राज्य के उत्तरी हिस्सों को हुबली क्षेत्र से जोड़ते हुए पुणे और मुंबई की ओर जाएगी।
बेंगलुरु-चेन्नई और बेंगलुरु-हैदराबाद के लिए तेज रेल संपर्क की योजना
रेल मंत्री ने कर्नाटक में उच्च गति वाली रेल कनेक्टिविटी के विस्तार और नए रेल कॉरिडोर के विकास की योजनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत बेंगलुरु से चेन्नई की यात्रा में लगभग 73 मिनट और बेंगलुरु से हैदराबाद की यात्रा में करीब 2 घंटे 10 मिनट लगने का लक्ष्य रखा गया है। ये यात्रा समय प्रस्तावित उच्च गति वाले संपर्क से जुड़े बताए गए हैं।
रेलवे सुरक्षा और विकास कार्यों पर भी हुई चर्चा
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक में रेलवे के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेलवे परियोजनाओं के लिए आवंटन में वृद्धि से राज्य में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिली है। उन्होंने कवच सुरक्षा प्रणाली का उल्लेख करते हुए रेल दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आने की बात कही। उनके अनुसार, दुर्घटनाओं की संख्या 135 से घटकर 16 रह गई है और रेलवे का लक्ष्य इसे शून्य तक लाना है।
रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने बताया कि कर्नाटक में लगभग 52 हजार करोड़ रुपये की रेलवे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को गति देने, रेल संपर्क बढ़ाने, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण तथा बेंगलुरु सहित जिला मुख्यालयों के स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया।
दो आर्थिक केंद्रों के बीच मजबूत होगा संपर्क
बेंगलुरु सूचना प्रौद्योगिकी, नवाचार, शिक्षा और स्टार्टअप गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, जबकि मुंबई देश की वित्तीय और वाणिज्यिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र है। ऐसे में दोनों शहरों के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने से यात्रियों को लंबी दूरी की रातभर की यात्रा के लिए आधुनिक विकल्प मिलेगा।
भारतीय रेलवे की इस पहल को महानगरों के साथ क्षेत्रीय शहरों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई सेवा से यात्रियों की सुविधा बढ़ने के साथ-साथ मार्ग में पड़ने वाले शहरों के व्यापार, शिक्षा और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
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