सोमालीलैंड: मेडिकल साइंस में कई बार ऐसे दुर्लभ मामले सामने आते हैं, जो डॉक्टरों और आम लोगों दोनों को हैरान कर देते हैं। अफ्रीकी क्षेत्र सोमालीलैंड से ऐसा ही एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक महिला के पेट से ऑपरेशन के जरिए ऐसा भ्रूण निकाला गया, जो करीब तीन साल तक उसके शरीर के अंदर मौजूद रहा। गर्भ में ही भ्रूण की मृत्यु होने के बाद समय के साथ उसके चारों ओर कैल्शियम की परत जम गई थी। इसी वजह से वह पत्थर जैसी संरचना में बदल गया। मेडिकल साइंस में इस दुर्लभ स्थिति को ‘लिथोपेडियन’ या ‘स्टोन बेबी’ कहा जाता है।
तीन साल से पेट में महसूस हो रहा था भारीपन
जानकारी के मुताबिक, महिला को पिछले करीब तीन वर्षों से पेट में हल्का दर्द और भारीपन महसूस हो रहा था। शुरुआत में परेशानी ज्यादा गंभीर नहीं थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों में दर्द और असहजता बढ़ने लगी। इसके बाद महिला ने डॉक्टरों से संपर्क किया।
महिला के अनुसार, करीब तीन साल पहले उसका पेट बढ़ने लगा था और उसे गर्भ में बच्चे की हलचल भी महसूस होती थी। कुछ समय बाद यह हलचल बंद हो गई और पेट भी पहले की तरह सामान्य दिखाई देने लगा। उस समय उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि उसके शरीर के अंदर एक दुर्लभ चिकित्सकीय स्थिति विकसित हो चुकी है।
CT स्कैन में सामने आया चौंकाने वाला मामला
डॉक्टरों ने महिला की जांच के लिए CT स्कैन कराया। जांच रिपोर्ट में पेट के अंदर भ्रूण की हड्डियों जैसी संरचना दिखाई दी। इसमें खोपड़ी, पसलियों और हाथ-पैर की हड्डियों की बनावट स्पष्ट हुई। इन हड्डियों के चारों ओर कैल्शियम की परत जमा थी।
जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे लिथोपेडियन का मामला माना। यह स्थिति तब विकसित हो सकती है, जब गर्भाशय के बाहर विकसित हो रहे भ्रूण की गर्भावस्था के दौरान मृत्यु हो जाती है और शरीर उसे सामान्य तरीके से बाहर नहीं निकाल पाता। संक्रमण और अन्य जटिलताओं से बचाव के लिए शरीर कभी-कभी मृत भ्रूण के आसपास कैल्शियम जमा कर उसे एक तरह से अलग कर देता है।
ऑपरेशन कर निकाला गया ‘स्टोन बेबी’
मेडिकल जांच के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन करने का फैसला लिया। सर्जरी के जरिए महिला के पेट से इस कैल्शियम से ढकी संरचना को बाहर निकाला गया। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद महिला के पेट दर्द में राहत मिली।
यह मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि लिथोपेडियन बेहद दुर्लभ चिकित्सकीय स्थिति है। उपलब्ध मेडिकल विवरणों में पिछले करीब 400 वर्षों के दौरान दुनिया भर में ऐसे लगभग 330 से 340 मामले दर्ज होने का उल्लेख मिलता है।
आखिर क्या होता है ‘स्टोन बेबी’?
लिथोपेडियन एक दुर्लभ स्थिति है, जिसमें गर्भाशय के बाहर विकसित हो रहे भ्रूण की मृत्यु के बाद वह शरीर में ही रह जाता है। कुछ परिस्थितियों में शरीर उसके आसपास कैल्शियम जमा कर देता है। समय के साथ यह संरचना कठोर और पत्थर जैसी हो सकती है। इसी कारण इसे आम भाषा में ‘स्टोन बेबी’ कहा जाता है।
यह स्थिति बेहद दुर्लभ है और अक्सर लंबे समय तक स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाती। कई मामलों में पेट दर्द, भारीपन या किसी अन्य चिकित्सकीय जांच के दौरान इसका पता चलता है। यह मामला बताता है कि आधुनिक मेडिकल जांच किस तरह शरीर के अंदर छिपी असामान्य स्थितियों की पहचान करने में मदद करती है।
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