टोक्यो, जापान: आमतौर पर रेलवे स्टेशनों के आसपास उगी घास को साफ करने के लिए मशीनों या कर्मचारियों की मदद ली जाती है, लेकिन जापान में इसका एक अनोखा तरीका अपनाया गया है। यहां रेलवे स्टेशन के बाहर सफाई की जिम्मेदारी दो बकरियों को सौंपी गई है। ये बकरियां घास चरकर परिसर के आसपास की हरियाली को नियंत्रित करने में मदद कर रही हैं। इस अनोखे प्रयोग को देखने के लिए स्टेशन से गुजरने वाले लोग भी रुक रहे हैं।
योत्सुया स्टेशन पर तैनात हुईं पोके और नागी
रिपोर्ट के अनुसार, जापान की रेलवे कंपनी JR ईस्ट ने अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में टोक्यो के योत्सुया स्टेशन के बाहर दो बकरियों को तैनात किया। इनमें दो साल की मादा बकरी पोके और एक साल का नर बकरा नागी शामिल हैं।
दोनों को स्टेशन के आसपास उगी घास चरने के लिए रखा गया है। इस पहल के पीछे कंपनी का उद्देश्य घास की सफाई के लिए एक वैकल्पिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीका आजमाना है।
कर्मचारी के सुझाव से शुरू हुआ अनोखा प्रयोग
जानकारी के मुताबिक, रेलवे कंपनी के एक कर्मचारी ने स्टेशन के आसपास घास साफ करने के लिए बकरियों का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था। कंपनी ने इस विचार को आजमाने का फैसला किया।
बकरियों के जरिए घास नियंत्रित करने का तरीका पारंपरिक मशीनों के इस्तेमाल से अलग है। हालांकि, इस प्रयोग से कितनी बचत होगी और सफाई कितनी प्रभावी रहेगी, इसका आकलन सामने आने वाले परिणामों पर निर्भर करेगा।
बकरियों को देखने के लिए रुक रहे लोग
स्टेशन के बाहर पोके और नागी की मौजूदगी लोगों के लिए आकर्षण बन गई है। यात्री और राहगीर उन्हें देखने के लिए रुक रहे हैं। एक शिक्षक ने जब बकरियों की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की, तो यह अनोखी पहल और अधिक चर्चा में आ गई।
जहां आमतौर पर रेलवे स्टेशन पर लोग ट्रेन पकड़ने की जल्दी में रहते हैं, वहीं इन दो बकरियों की मौजूदगी कुछ लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गई है।
दिसंबर तक जारी रह सकता है प्रयोग
रेलवे कंपनी के अनुसार, दोनों बकरियां दिसंबर तक स्टेशन के बाहर रह सकती हैं। यदि इससे पहले आसपास की घास साफ हो जाती है, तो उन्हें तय समय से पहले भी वहां से हटाया जा सकता है।
इस तरह की पहल यह दिखाती है कि सार्वजनिक स्थानों के रखरखाव के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ वैकल्पिक उपाय भी आजमाए जा सकते हैं। हालांकि, ऐसे प्रयोगों में पशुओं की सुरक्षा, उचित देखभाल और उनकी जरूरतों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
जापान की इन दो बकरियों की ड्यूटी ने सफाई के एक साधारण काम को चर्चा का विषय बना दिया है। अब देखना होगा कि JR ईस्ट का यह प्रयोग कितना सफल रहता है और क्या भविष्य में इसे दूसरे स्थानों पर भी अपनाया जाता है।
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