कटिहार: कभी-कभी पुलिस की सबसे बड़ी कामयाबी किसी अपराधी की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि किसी बिछड़े हुए परिवार को उसकी खुशियां लौटाना होती है। कटिहार जिले के पोठिया थाना क्षेत्र में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां पुलिस की लगातार 12 घंटे की कोशिशों के बाद 14 वर्षीय निशा कुमारी अपने माता-पिता, भाई और अन्य परिजनों से मिल सकी। बच्ची के परिवार तक पहुंचने की इस पहल ने पुलिस की मानवीय भूमिका को एक बार फिर सामने ला दिया।
चांदपुर चौक के पास भटककर पहुंची थी निशा
जानकारी के अनुसार, 14 वर्षीय निशा कुमारी, पिता देवन मंडल, पूर्णिया जिले के भवानीपुर की रहने वाली है। वह भटकते हुए कटिहार जिले के समेली प्रखंड क्षेत्र स्थित चांदपुर चौक के पास पहुंच गई थी। अपने घर और परिवार से दूर बच्ची के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनों तक वापस पहुंचने की थी।
12 घंटे तक चलती रही पहचान की तलाश
बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने के लिए पोठिया थानाध्यक्ष नवीन कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने प्रयास शुरू किया। बच्ची की पहचान और उसके घर का पता लगाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया गया। करीब 12 घंटे तक लगातार कोशिशें जारी रहीं। इस दौरान पूर्णिया जिले के भवानीपुर थाना को भी सूचना दी गई, ताकि बच्ची के परिजनों तक पहुंचने में मदद मिल सके।
लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार पुलिस को बच्ची के घर और परिवार का पता मिल गया। इसके बाद निशा को उसके माता-पिता, भाई और अन्य परिजनों से मिलाया गया। लंबे इंतजार और तलाश के बाद परिवार से मिलन इस पूरे घटनाक्रम का सबसे अहम पड़ाव रहा।
वर्दी के पीछे दिखी संवेदनशीलता
पोठिया पुलिस की इस पहल की सराहना की जा रही है। थानाध्यक्ष नवीन कुमार के नेतृत्व में किए गए प्रयासों के लिए पोठिया पुलिस प्रशासन और कटिहार के पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के प्रति आभार जताया गया है।
यह घटना याद दिलाती है कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराध पर कार्रवाई करना और कानून-व्यवस्था संभालना ही नहीं है। संकट में फंसे लोगों की मदद करना और बिछड़े हुए परिवारों को मिलाने में भूमिका निभाना भी पुलिस सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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कटिहार से सुमन शर्मा की रिपोर्ट…