मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में साइबर थाना पुलिस ने कथित तौर पर कॉरपोरेट बैंक खातों से करोड़ों रुपये की ठगी की साजिश का खुलासा करते हुए नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह की योजना करीब 56 से 57 करोड़ रुपये की रकम को निशाना बनाने की थी। मामले में अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और दुबई कनेक्शन की आशंका भी सामने आई है, जिसकी जांच की जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने विशेष छापेमारी दल गठित कर पकड़ीदयाल, शिवहर समेत विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपितों के पास से 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और दो वाहन जब्त किए हैं। डिजिटल उपकरणों की जांच के जरिए कथित नेटवर्क, संदिग्ध लेनदेन और अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
कॉरपोरेट खाते से करोड़ों रुपये निकालने की थी कथित योजना
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के अनुसार, आरोपितों पर कॉरपोरेट बैंक खातों की गोपनीय जानकारी हासिल कर इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से रकम निकालने की योजना बनाने का आरोप है। जांच में आशंका जताई गई है कि खाताधारकों की संवेदनशील जानकारी हासिल करने के लिए कुछ अज्ञात बैंककर्मियों की मदद ली गई हो सकती है।
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि खाताधारकों के नाम, यूजर आईडी, मोबाइल नंबर और खाते में उपलब्ध राशि जैसी गोपनीय जानकारियां कथित तौर पर किस माध्यम से हासिल की गईं। बैंकिंग जानकारी के दुरुपयोग और ओटीपी तक पहुंच बनाने की संभावित कोशिशों की भी जांच हो रही है।
हालांकि, बैंककर्मियों की संलिप्तता अभी जांच का विषय है। इस संबंध में किसी व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
56 करोड़ रुपये वाले बैंक खाते पर पुलिस की नजर
पुलिस के मुताबिक, कैंप सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में लगभग 56 करोड़ रुपये उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई है। इसी खाते को कथित साइबर ठगी की योजना से जोड़कर जांच की जा रही है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं है कि खाते से वास्तव में कोई रकम निकाली गई थी या नहीं। ऐसे में मामले को करोड़ों रुपये की कथित साइबर ठगी की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस जब्त डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पूर्वी चंपारण और शिवहर के नौ आरोपित गिरफ्तार
पुलिस की ओर से गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आनंद किशोर, अरविंद कुमार, रामनाथ ठाकुर, निरंजन यादव उर्फ निरंजन कुमार, मनोरंजन कुमार, संतोष राम उर्फ संतोष कुमार, संदीप कुमार, विजय कुमार और पप्पू जायसवाल के रूप में बताई गई है। इनके पते पूर्वी चंपारण और शिवहर जिले के विभिन्न गांवों के बताए गए हैं।
छापेमारी दल में साइबर डीएसपी सुनील कुमार, थानाध्यक्ष राजीव कुमार सिन्हा, दारोगा प्रत्यूश कुमार विक्की, शिवम सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
दुबई कनेक्शन और संभावित सहयोगियों की तलाश
इस मामले में कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और दुबई कनेक्शन की चर्चा के बीच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों के संपर्क किन लोगों से थे और कथित ठगी की योजना में किसी बाहरी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।
जांच का एक अहम पहलू बैंक खातों की गोपनीय जानकारी बाहर पहुंचने का स्रोत भी है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध तथ्यों की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
फिलहाल नौ आरोपितों की गिरफ्तारी और डिजिटल उपकरणों की जब्ती को मामले की जांच में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, कथित ठगी की योजना, दुबई कनेक्शन और बैंककर्मियों की संभावित भूमिका की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
ये खबर भी पढ़े: गोपालगंज वाहन जब्ती-नीलामी मामले में EOU का शिकंजा, तत्कालीन MVI सुनील कुमार सिंह गिरफ्तार!