गोपालगंज: बिहार में हालिया बाढ़ से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों को दुर्गा पूजा से पहले कृषि इनपुट अनुदान की राशि उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि मंत्री सह गोपालगंज के जिला प्रभारी मंत्री विजय सिन्हा ने अधिकारियों को लंबित फसल क्षति का आकलन जल्द पूरा करने का निर्देश दिया है।
गोपालगंज दौरे के दौरान कृषि मंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने बताया कि राज्य के 18 जिलों में फसल क्षति का प्रारंभिक सर्वे पूरा किया जा चुका है। जिन इलाकों में सर्वे का काम अभी बाकी है, वहां अधिकारियों को इसे जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
दो हेक्टेयर तक मिलेगी सहायता
आपदा प्रबंधन व्यवस्था के तहत प्रभावित किसानों को अधिकतम दो हेक्टेयर यानी करीब पांच एकड़ भूमि तक सहायता राशि दी जाएगी। निर्धारित दर के अनुसार असिंचित क्षेत्र में ₹8,500 प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र में ₹17,000 प्रति हेक्टेयर तथा बहुवर्षीय फसल और गन्ना के लिए ₹22,500 प्रति हेक्टेयर की सहायता का प्रावधान है।
सरकार का लक्ष्य है कि सर्वे और सत्यापन की प्रक्रिया समय पर पूरी हो, ताकि पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।
शीतलपुर तटबंध टूटने की होगी जांच
गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में तटबंध टूटने की घटना को लेकर भी कृषि मंत्री ने अधिकारियों को जांच का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी को पूरे मामले की जांच कराने को कहा गया है। मंत्री ने कहा कि जांच में यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बाढ़ से फसल बर्बाद होने के बाद किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में सरकार की ओर से मुआवजा राशि समय पर उपलब्ध कराने की तैयारी को किसानों के लिए महत्वपूर्ण राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
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गोपालगंज से अनुज पाण्डेय की रिपोर्ट…