मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड में रविवार को तिरहुत नहर का करीब 40 फीट तटबंध टूटने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। रक्सा गांव के पास तटबंध टूटते ही नहर का पानी तेज बहाव के साथ आसपास के खेतों में फैल गया। देखते ही देखते करीब पांच एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई और रक्सा, विशुनपुर, चैनपुर समेत आसपास के कई गांवों में पानी फैलने लगा।
नहर के तटबंध के साथ उस पर बनी सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। खेतों में पानी भरने से किसानों के सामने धान समेत अन्य फसलों के नुकसान का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार पानी का बहाव लगातार चौड़ क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। यदि समय रहते पानी को नियंत्रित नहीं किया गया तो निचले इलाकों के घरों तक भी पानी पहुंचने की आशंका है।
सड़क क्षतिग्रस्त, रास्तों पर भी जमा हुआ पानी
तटबंध टूटने के बाद नहर का पानी आसपास के रास्तों पर भी फैल गया। इससे ग्रामीणों के आवागमन में परेशानी शुरू हो गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक महीने पहले भी इसी इलाके में नहर का तटबंध टूट चुका था। इसके बाद हाल ही में तटबंध के पक्कीकरण का काम कराया गया था। पक्कीकरण के कुछ ही समय बाद दोबारा तटबंध टूटने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन ने शुरू कराया मरम्मत कार्य
ग्रामीणों की सूचना के बाद कांटी विधायक सह पूर्व मंत्री इंजीनियर अजीत कुमार ने मड़वन प्रखंड प्रशासन, जल संसाधन विभाग और स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी।
पश्चिमी अनुमंडल पदाधिकारी स्नेहा कुमारी के अनुसार, तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग को अलर्ट किया गया और मरम्मत का काम शुरू करा दिया गया है। एसडीएम ने यह भी कहा कि नहर में पानी का स्तर इतना अधिक नहीं था कि तटबंध अपने आप टूट जाए। ऐसे में घटना के कारणों की जांच कराई जा रही है।
विधायक ने जताई साजिश की आशंका
कांटी विधायक इंजीनियर अजीत कुमार ने घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए तटबंध टूटने के पीछे साजिश की आशंका जताई है। उनका दावा है कि इससे पहले 9 अगस्त को भी इसी नहर का तटबंध टूटा था। विधायक के अनुसार, पानी के दबाव के बजाय किसी असामाजिक तत्व द्वारा तटबंध काटे जाने की आशंका है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से प्राथमिकी दर्ज कर पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से तटबंध की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि तटबंध प्राकृतिक दबाव से टूटा या किसी अन्य वजह से यह स्थिति बनी। इस बीच खेतों में पानी फैलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और उनकी नजर प्रशासन की राहत एवं मरम्मत कार्रवाई पर टिकी है।
ये खबर भी पढ़े: “न्यायाधीश बने थानेदार“; शराब के आरोप में पकड़े गये युवक को बेरहमी से पीटा, वायरल वीडियो पर एसपी ने मांगा स्पष्टीकरण!