हाजीपुर: 13 लोगों की मौत से जुड़े राघोपुर नाव हादसे ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। हादसे के करीब 24 घंटे बाद स्थानीय विधायक और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बच्चों को खोने वाले परिवारों का दर्द बेहद गहरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से अब तक की गई कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उनके मुताबिक, केवल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जांच में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
‘सिर्फ 4 लाख से परिवारों का दर्द कम नहीं होगा’
तेजस्वी ने पीड़ित परिवारों के लिए सरकारी अनुग्रह राशि के अतिरिक्त मुआवजे और कम से कम तीन डिसमिल जमीन देने की मांग की। उन्होंने कहा कि एक परिवार के सात और दूसरे परिवार के छह बच्चों की मौत हुई है। ऐसे परिवारों को लंबे समय तक सहारे की जरूरत होगी।
अस्पताल और रेस्क्यू पर भी सवाल
तेजस्वी यादव ने ग्रामीणों के हवाले से अस्पताल में ऑक्सीजन, डॉक्टरों और दवाओं की उपलब्धता पर सवाल उठाए। उन्होंने एंबुलेंस में ऑक्सीजन की कथित कमी और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों के पहुंचने में देरी के आरोपों की जांच कराने की मांग की। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
रिंग बांध पर विजय सिन्हा को घेरा
राघोपुर में कटाव की समस्या का मुद्दा उठाते हुए तेजस्वी ने रिंग बांध निर्माण की मांग की। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में परियोजना की प्रक्रिया और जमीन की नापी शुरू हुई थी, लेकिन बाद में काम रुक गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय सिन्हा ने परियोजना रुकवाई थी। इस आरोप पर संबंधित पक्ष का जवाब उपलब्ध नहीं है।
तेजस्वी ने कहा कि हादसे की जांच और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग विधानसभा में भी उठाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पीड़ित परिवारों के सदस्यों को अगले दिन दोपहर 3 बजे लालू प्रसाद यादव से मिलवाने की योजना है।
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