नालंदा: नालंदा के बिहारशरीफ शहर में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मेहरपर इलाके में निर्माणाधीन देवी मंदिर के पास जमीन से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। कुछ देर तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर जमीन के नीचे से आग कैसे निकल रही है। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और घटना की सूचना प्रशासन तथा अग्निशमन विभाग को दी गई।
सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। आग की लपटें बहुत तेज नहीं थीं, लेकिन जमीन के नीचे से लगातार आग निकलने की वजह से आसपास के लोगों में चिंता बढ़ गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर निगरानी शुरू कर दी।
दो-तीन दिन से महसूस हो रही थी गैस जैसी गंध
स्थानीय लोगों के अनुसार, घटनास्थल के आसपास पिछले दो-तीन दिनों से गैस जैसी गंध और रिसाव महसूस किया जा रहा था। बताया गया कि कुछ दिन पहले इसी इलाके में गैस पाइपलाइन की मरम्मत का काम भी हुआ था। रविवार शाम इलाके में कचरा जलाए जाने के दौरान निकली चिंगारी के बाद जमीन के पास आग भड़कने की बात सामने आई। इसके बाद आग पूरी तरह बुझी नहीं और सोमवार सुबह भी वहां लपटें दिखाई देती रहीं।
आग के लगातार बने रहने के बाद स्थानीय लोगों ने जमीन के नीचे से गुजर रही गैस पाइपलाइन में लीकेज की आशंका जताई। हालांकि, लीकेज की वास्तविक स्थिति और उसका कारण तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
आग बुझाना भी बना चुनौती
मौके पर पहुंचे अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी कृष्ण मुरारी प्रसाद ने प्रथमदृष्टया गैस पाइपलाइन से रिसाव की आशंका जताई। अधिकारियों के मुताबिक, अगर जमीन के नीचे से गैस का रिसाव हो रहा है तो केवल ऊपर लगी आग बुझा देना पर्याप्त नहीं होगा। रिसाव जारी रहने पर गैस आसपास फैल सकती है और किसी दूसरी चिंगारी के संपर्क में आने पर दोबारा आग लगने का खतरा बना रह सकता है।
इसी वजह से अग्निशमन विभाग ने स्थिति को सावधानी से संभालते हुए मौके पर निगरानी बनाए रखी। संबंधित पाइपलाइन कंपनी को भी सूचना दी गई, ताकि तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच कर सके।
गैस कंपनी की तकनीकी टीम करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए गैस पाइपलाइन से जुड़ी तकनीकी टीम को सूचना दी गई। टीम के पहुंचने के बाद पाइपलाइन और संभावित रिसाव की जांच की जानी है। अधिकारियों के अनुसार, रिसाव का स्रोत पता चलने और उसे नियंत्रित किए जाने के बाद ही स्थिति को पूरी तरह सामान्य किया जा सकेगा।
कुछ रिपोर्टों में पाइपलाइन को लेकर इंडियन ऑयल का उल्लेख किया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में गेल इंडिया की तकनीकी टीम को सूचना दिए जाने की बात कही गई है। इसलिए तकनीकी जांच पूरी होने तक पाइपलाइन की कंपनी और लीकेज के वास्तविक स्रोत को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
निर्माणाधीन देवी मंदिर के पास घटना से बढ़ी चिंता
जिस स्थान पर आग की लपटें निकलीं, वह निर्माणाधीन देवी मंदिर के आसपास का इलाका है। आसपास दुकानें और आबादी होने के कारण जमीन से लगातार आग निकलने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द लीकेज की जांच और समस्या के समाधान की मांग की।
फिलहाल अग्निशमन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्थानीय लोगों को घटनास्थल के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राहत की बात यह है कि घटना में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है।
जमीन से निकलती आग ने एक सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर इसके पीछे पाइपलाइन से गैस रिसाव है या कोई दूसरी वजह। अब तकनीकी जांच के बाद ही इस रहस्य से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।
ये खबर भी पढ़े: जमुई घटना पर तेजस्वी का सरकार पर निशाना, बोले- बिहार में लड़कियां सुरक्षित नहीं!