धनबाद: डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख जयराम महतो एक कथित वायरल ऑडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ कथित गाली-गलौज और धमकी से जुड़े ऑडियो के सामने आने के बाद पुलिस ने विधायक समेत कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। हालांकि, वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
थाने में हंगामे के बाद बढ़ा विवाद
मामला बड़ापिछरी पंचायत की मुखिया के नाम पर कथित फर्जी लेटर पैड, हस्ताक्षर और मुहर के इस्तेमाल से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में जेएलकेएम नेता गणेश दास को हिरासत में लिया था।
इसके बाद जयराम महतो अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे। पुलिस का आरोप है कि थाना परिसर में हंगामा हुआ और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को छुड़ाने की कोशिश की गई। इसी घटनाक्रम के बाद विधायक और थाना प्रभारी के बीच कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
विधायक समेत 10 नामजद, 40-50 अज्ञात पर केस
थाना प्रभारी रवि कुमार के लिखित बयान के आधार पर पुलिस ने जयराम महतो समेत 10 नामजद लोगों और 40-50 अज्ञात समर्थकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस ने सरकारी काम में बाधा, पुलिसकर्मियों को धमकी देने, थाना परिसर में हंगामा और भीड़ जुटाने समेत कई आरोपों में मामला दर्ज किया है।
पुलिस संगठनों ने अपनाया सख्त रुख
विधायक पर लगे आरोपों और कथित ऑडियो को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन और पुलिस मेंस एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। पुलिस संगठनों की ओर से आंदोलन की चेतावनी दिए जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
जयराम महतो बोले- ऑडियो से छेड़छाड़ हुई
जयराम महतो ने पुलिस के आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले को साजिश बताया है। उनका दावा है कि वह अपने कार्यकर्ता के मामले की जानकारी लेने थाना पहुंचे थे। विधायक के मुताबिक, थाना प्रभारी के साथ करीब 11 मिनट बातचीत हुई थी, लेकिन बातचीत के चुनिंदा हिस्सों को काट-छांटकर वायरल किया गया।
महतो ने थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। अब पुलिस जांच और वायरल ऑडियो की सत्यता से ही साफ होगा कि पूरे विवाद की वास्तविक तस्वीर क्या है।
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