शेखपुरा: शेखपुरा जिले में पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का 1501वां जन्मदिवस ईद-उल-मिलाद-उन-नबी बुधवार को पूरे उत्साह, श्रद्धा और आपसी भाईचारे के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ स्थानीय नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। पूरे आयोजन के दौरान कौमी एकता और सामाजिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला।
ईद-उल-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस अधीक्षक हिमांशु के कुशल नेतृत्व में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के संभावित मार्गों, संवेदनशील स्थानों और प्रमुख चौक-चौराहों पर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई। शेखपुरा टाउन थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार के साथ पुलिस पदाधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए थे। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेटों की भी प्रतिनियुक्ति की गई थी, ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

बड़ी दरगाह से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी
मुख्य जुलूस-ए-मोहम्मदी का आयोजन शहर की बड़ी दरगाह से किया गया। धार्मिक उत्साह के बीच जुलूस की शुरुआत हुई। जुलूस में बच्चे, युवा, बुजुर्ग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। लोग धार्मिक नारों और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के संदेशों के साथ आगे बढ़ते रहे। जुलूस निर्धारित मार्ग से होते हुए जमालपुर दरगाह और चांदनी चौक पहुंचा। इसके बाद विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जुलूस वापस बड़ी दरगाह पहुंचा, जहां शांतिपूर्ण तरीके से इसका समापन किया गया।
जुलूस के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के साथ यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पुलिस पदाधिकारी लगातार जुलूस की गतिविधियों पर नजर रखते रहे। प्रशासन की सक्रियता के कारण कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

आपसी भाईचारे की दिखी मिसाल
ईद-उल-मिलाद-उन-नबी के मौके पर शेखपुरा में कौमी एकता और सामाजिक सौहार्द की मजबूत तस्वीर देखने को मिली। स्थानीय लोगों ने जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं का सहयोग किया। हिंदू भाइयों और अन्य गैर-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी आयोजन को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सहयोग किया। इससे शहर में आपसी भाईचारे और सद्भाव का संदेश गया।
जुलूस के मार्ग में कई स्थानों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की ओर से सेवा शिविर लगाए गए। जुलूस में शामिल लोगों के लिए खीर, चाय, पानी और लंगर प्रसाद की व्यवस्था की गई। लोगों ने श्रद्धालुओं को पानी और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई। सेवा भाव से किए गए इन कार्यों से आयोजन का माहौल और भी सौहार्दपूर्ण बना रहा।
बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक ने लिया हिस्सा
जुलूस में हर उम्र के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। बुजुर्ग श्रद्धालु जहां धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए, वहीं बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह नजर आया। लोगों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से जुलूस में हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान लोगों ने एक-दूसरे के साथ मिलकर पर्व की खुशियां साझा कीं।
स्थानीय श्रद्धालु मोहम्मद एजाजुल अब्दीन और शाकिर ने बताया कि ईद-उल-मिलाद-उन-नबी का पर्व लंबे समय से धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता के साथ मनाया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि शेखपुरा की धरती पर इस पर्व के दौरान सभी समुदाय के लोग आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ एक-दूसरे का सहयोग करते हैं।
प्रशासन की रही पैनी नजर
पर्व को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क था। पुलिस अधीक्षक हिमांशु के नेतृत्व में जिले के संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी गई। जुलूस के मार्ग में पुलिस बल के अलावा मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई थी। अधिकारियों ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से पर्व मनाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की।
प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से ईद-उल-मिलाद-उन-नबी का कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान शेखपुरा में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सौहार्द और कौमी एकता का संदेश देखने को मिला।
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