मुजफ्फरपुर: नगर थाना क्षेत्र के बड़ी करबला मोहल्ले में आवारा कुत्तों के झुंड ने घर के बाहर खेल रहे चार वर्षीय मासूम पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर, चेहरे और कंधे पर चोटें आई हैं। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके के लोगों में दहशत और आक्रोश है।
बच्चों के साथ खेल रहा था मासूम, तभी कुत्तों ने घेरा
जानकारी के अनुसार, बड़ी करबला मोहल्ले में चार वर्षीय जोहैद अपने घर के बाहर सड़क किनारे अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान आवारा कुत्तों का एक झुंड वहां पहुंच गया। कुत्तों ने बच्चे को घेर लिया और अचानक उस पर हमला कर दिया। हमले के दौरान बच्चा जमीन पर गिर गया।
CCTV फुटेज में घटना का पूरा दृश्य रिकॉर्ड हुआ है। कुत्तों के हमले में बच्चे के सिर, चेहरे और कंधे पर चोटें आईं। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्तों को खदेड़कर बच्चे को बचाया।
पिता बोले- समय पर लोग नहीं पहुंचते तो हो सकती थी बड़ी अनहोनी
बच्चे के पिता मोहम्मद नदीम ने बताया कि उनका बेटा घर के दरवाजे के पास खेल रहा था। घटना की जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंचे, जहां बच्चा घायल अवस्था में पड़ा था। उन्होंने बताया कि कुत्तों के हमले में बच्चे के सिर, हाथ और कंधे पर चोट आई।
परिजनों के मुताबिक, आसपास के लोग समय पर नहीं पहुंचते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।
सदर अस्पताल में कराया गया इलाज
घटना के बाद परिजन घायल बच्चे को इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां बच्चे का प्राथमिक उपचार किया गया और एंटी-रैबीज वैक्सीन भी दी गई। इलाज के बाद बच्चे की हालत में सुधार बताया गया है। फिलहाल वह घर लौट चुका है और खतरे से बाहर है।
आवारा कुत्तों को लेकर लोगों में नाराजगी
घटना के बाद बड़ी करबला मोहल्ले के लोगों में नगर निगम के खिलाफ नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ।
लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से आवारा कुत्तों को पकड़ने के साथ ही बंध्याकरण अभियान चलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में किसी बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस घटना ने एक बार फिर मुजफ्फरपुर शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और बच्चों की सुरक्षा को लेकर नगर निगम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।