बांका: अवैध बालू खनन और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बांका में बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे ईडी की टीम शहर के विजयनगर स्थित लाल कोठी के समीप महादेव एंक्लेव प्राइवेट लिमिटेड के कार्यालय पहुंची और देर रात तक जांच-पड़ताल करती रही।
ईडी अधिकारियों ने कंपनी कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागजात और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कंपनी परिसर के आसपास किसी भी बाहरी व्यक्ति की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी।
बालू से जुड़े करोड़ों के खेल की तलाश में ईडी
जानकारी के अनुसार, ईडी वर्ष 2015-16 से 2022-23 के बीच बांका जिले में हुए कथित अवैध बालू खनन और उससे अर्जित अवैध संपत्ति की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध खनन से हुई कमाई कहां-कहां निवेश की गई और किस तरह धन का लेनदेन हुआ।
ईडी की जांच का मुख्य फोकस अवैध खनन से जुड़े मनी ट्रेल, बैंकिंग लेनदेन और वित्तीय नेटवर्क पर है।
जियोस्पेशियल जांच में सामने आया था 131 करोड़ का मामला
बताया जा रहा है कि पूर्व में किए गए भू-स्थानिक (जियोस्पेशियल) अध्ययन और जांच के आधार पर जिले में करीब 131 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध बालू खनन की आशंका जताई गई थी।
इसी आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू की है। इस मामले में बिहार के अलावा दिल्ली और राजस्थान के कई ठिकानों पर भी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
देर रात तक जारी रही छापेमारी
ईडी की टीम देर रात तक कंपनी कार्यालय में मौजूद रही और दस्तावेजों की जांच करती रही। हालांकि, अभी तक एजेंसी की ओर से आधिकारिक तौर पर कार्रवाई से संबंधित कोई विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि ईडी को दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में क्या अहम सुराग मिले हैं। फिलहाल बांका में ईडी की इस कार्रवाई को अवैध बालू खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
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