पटना: शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर बिहार में अभ्यर्थियों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के सवालों पर BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह की टिप्पणी के बाद विवाद खड़ा हो गया। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा- “हाथी चले बाजार… कुत्ते भौंके हजार।”
BPSC अधिकारी के इस बयान के बाद प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों में नाराजगी फैल गई। छात्रों ने आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अधिकारी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि यदि माफी नहीं मांगी गई तो आंदोलन को BPSC कार्यालय के गेट तक ले जाया जाएगा।
छात्रों का पलटवार- यही ‘कुत्ते’ बनेंगे अधिकारी
BPSC कंट्रोलर की टिप्पणी पर छात्रों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जिन छात्रों को आज इस तरह संबोधित किया जा रहा है, उनमें से कई आगे चलकर अधिकारी बन सकते हैं।
छात्रों ने कहा कि इससे पहले भी अधिकारियों की ओर से अभ्यर्थियों पर विवादित टिप्पणी किए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने तंज कसते हुए कहा- “एक बार कॉकरोच कहा गया था तो प्रधान चले गए, अब सचिव की बारी है।”
इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर ‘BPSC चोर है’ के नारे भी लगाए गए।
तेजस्वी यादव पहुंचे गर्दनीबाग, बोले- अधिकारी माफी मांगें
छात्रों के आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी गर्दनीबाग पहुंचे और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने BPSC अधिकारी की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि लोकतंत्र में इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती।
तेजस्वी ने कहा कि जिस अधिकारी ने इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, उसे छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
BPSC ने कहा- खाली कॉपी दिखाकर भ्रम फैलाया जा रहा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने प्रदर्शन से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान तीसरे रैंक वाले अभ्यर्थी की कॉपी दिखाकर यह दावा किया जा रहा है कि कॉपी खाली थी।
उन्होंने कहा कि BPSC में उत्तर की गुणवत्ता के आधार पर अंक दिए जाते हैं। पहले केवल यह देखा जाता था कि कॉपी में कितना लिखा गया है, लेकिन अब उत्तर की गुणवत्ता को भी मूल्यांकन का आधार बनाया जाता है।
जब उनसे पूछा गया कि यदि कोई गलत कॉपी दिखाकर भ्रम फैला रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही, इसी सवाल के जवाब में उन्होंने “हाथी चले बाजार… कुत्ते भौंके हजार” वाली टिप्पणी की।
दिसंबर या जनवरी में हो सकती है TRE-4 परीक्षा
BPSC ने TRE-4 की परीक्षा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। आयोग के मुताबिक परीक्षा दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 में कराई जा सकती है।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगी। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने अभ्यर्थी आवेदन करेंगे। अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर परीक्षा कितने चरणों में होगी, इसका फैसला बाद में किया जाएगा।
BPSC के अनुसार एक दिन में करीब 5 लाख तक अभ्यर्थियों की परीक्षा कराने की क्षमता है।
दो चरणों में होगी परीक्षा, PT और Mains
TRE-4 में परीक्षा दो चरणों में कराने के फैसले को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी है। BPSC का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में PT और Mains शामिल होंगे।
आयोग ने यह भी कहा कि दो चरणों में परीक्षा कराने की व्यवस्था केवल बिहार में नहीं है। कई राज्यों में शिक्षक भर्ती सहित अन्य परीक्षाएं अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाती हैं।
BPSC ने 2024 की NEET-UG परीक्षा के बाद गठित राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशों और आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की ओर से दिए गए सुझावों का भी हवाला दिया।
निगेटिव मार्किंग खत्म करने की मांग
TRE-4 अभ्यर्थियों का विरोध सिर्फ PT-Mains तक सीमित नहीं है। छात्र परीक्षा में निगेटिव मार्किंग खत्म करने की भी मांग कर रहे हैं।
वहीं BPSC ने साफ किया है कि परीक्षा में निगेटिव मार्किंग रहेगी और फिलहाल इसमें बदलाव की कोई संभावना नहीं है।
32,388 शिक्षकों की भर्ती, 1 सितंबर से आवेदन
TRE-4 के तहत बिहार में कुल 32,388 शिक्षकों की भर्ती की जानी है। आयोग ने भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होगी और 30 सितंबर तक चलेगी।
हालांकि परीक्षा की निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। आयोग ने संकेत दिया है कि परीक्षा दिसंबर या जनवरी में आयोजित की जा सकती है।
बेगूसराय में भी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
TRE-4 को लेकर पटना के अलावा बेगूसराय में भी अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताली चौक पर जुटे छात्रों ने PT-Mains व्यवस्था का विरोध किया और 100 प्रतिशत डोमिसाइल की मांग उठाई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद TRE-4 का विज्ञापन जारी हुआ, लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में अचानक बदलाव कर दिया गया। छात्रों ने दो चरणों में परीक्षा कराने का फैसला वापस लेने की मांग की।
DM ऑफिस पहुंचा छात्र प्रतिनिधिमंडल
गर्दनीबाग में चल रहे न्याय सत्याग्रह के बीच छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए पटना DM कार्यालय बुलाया गया। छात्र नेता दिलीप समेत प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखने की तैयारी की।
अब छात्रों की नजर इस बातचीत के नतीजे पर है। वहीं BPSC अधिकारी की टिप्पणी ने आंदोलन को नया मुद्दा दे दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता और विवादित बयान पर माफी नहीं मांगी जाती, आंदोलन जारी रहेगा।
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