पटना: दुल्हिन बाजार के रकसिया गांव स्थित चाणक्या कॉलेज ऑफ एजुकेशन में BSc नर्सिंग के परीक्षा परिणाम को लेकर शनिवार को छात्रों का आक्रोश सामने आया। सैकड़ों विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया और बिक्रम-पालीगंज SH-2 मुख्य मार्ग को करीब एक घंटे तक जाम कर दिया।
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज के करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में फेल हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि कई मेधावी और टॉपर छात्रों को भी उम्मीद से काफी कम अंक मिले हैं। इसे लेकर विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम की दोबारा जांच की मांग की है।
10,800 रुपये लेने का भी आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सेंटर मैनेजमेंट और फॉर्म भरने के नाम पर प्रत्येक छात्र से 10,800 रुपये लिए गए थे। छात्रों का कहना है कि राशि लेने के बावजूद परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के असफल होने से उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हुआ है।
हालांकि, ये आरोप छात्रों की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दोबारा जांच और कार्रवाई की मांग
छात्रों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और परीक्षा परिणाम की दोबारा जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में कॉलेज प्रबंधन या किसी शिक्षक की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाया। इसके बाद जाम हटाया गया और यातायात सामान्य हुआ।
कॉलेज प्रबंधन का पक्ष सामने नहीं आया
मामले में कॉलेज प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रबंधन की ओर से मीडिया को कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई। ऐसे में छात्रों के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच और संबंधित परीक्षा प्राधिकरण की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल छात्रों की मांग है कि परिणाम की निष्पक्ष समीक्षा हो और जिन विद्यार्थियों को कथित रूप से गलत तरीके से अंक दिए गए हैं, उन्हें न्याय मिले।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: TRE-4 को लेकर पटना में छात्रों का आंदोलन तेज, रातभर धरने पर बैठे अभ्यर्थी!