देवघर: झारखंड के देवघर में फर्जी GST अधिकारी बनकर 40 लाख 50 हजार रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जसीडीह थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर 4 लाख 30 हजार रुपये नकद, स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन, लैपटॉप और पुलिस की पहचान का भ्रम पैदा करने के लिए इस्तेमाल किए गए सामान बरामद किए गए हैं।
यह वारदात 8 अगस्त 2026 को जसीडीह थाना क्षेत्र के टाभाघाट-दर्दमारा मुख्य सड़क पर हुई थी। मामले में विक्रम चौधरी ने पुलिस को शिकायत दी थी।
सड़क पर बाइक रोकी, फिर शुरू हुआ ‘फर्जी अफसर’ का खेल
शिकायत के अनुसार, विक्रम चौधरी अपने कर्मचारी के साथ मोटरसाइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान स्कॉर्पियो सवार कुछ लोगों ने उनकी बाइक को रोक लिया। आरोपियों ने खुद को GST अधिकारी बताया और जांच के नाम पर दोनों को अपने कब्जे में ले लिया।
इसके बाद कथित तौर पर रुपये से भरा बैग, मोबाइल फोन और लैपटॉप अपने कब्जे में लेकर दोनों को अगवा कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक, लूटी गई रकम करीब 40.50 लाख रुपये थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
SP के निर्देश पर बनी विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और अन्य सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और पांच संदिग्ध आरोपियों तक पहुंची।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुमोद पोद्दार, संजय कुमार सिंह, शिव शंकर कुमार, घनश्याम यादव और विनोद प्रसाद यादव को गिरफ्तार कर लिया।
स्कॉर्पियो से लेकर ‘पुलिस’ का सामान बरामद
पुलिस के अनुसार, संजय कुमार सिंह की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो बरामद की गई। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, दो प्लास्टिक के पुलिस डंडे और लाल-नीले रंग का पुलिस बोर्ड भी मिला।
पुलिस को आशंका है कि इन सामानों का इस्तेमाल खुद को पुलिस या अधिकारी बताकर पीड़ितों पर प्रभाव बनाने के लिए किया गया होगा।
4.30 लाख रुपये और लूटा गया लैपटॉप मिला
पुलिस के मुताबिक, कुमोद पोद्दार के ठिकाने से 4 लाख 30 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके साथ ही शिकायतकर्ता का डेल कंपनी का क्षतिग्रस्त लैपटॉप भी मिला।
बरामद नकदी में 500 रुपये के नोटों के अलावा 200 और 50 रुपये के नोट भी शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब बरामद रकम और वारदात में लूटी गई कुल राशि के बीच संबंध की जांच कर रही है।
मोबाइल में मिला अहम सुराग
शिव शंकर कुमार की निशानदेही पर एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, इस मोबाइल में घटनास्थल से मुक्त किए जाने के बाद आगे जाने वाले रास्ते से संबंधित नक्शा मिला।
जांच टीम इस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य समेत अन्य सुरागों के आधार पर वारदात में शामिल अन्य लोगों और लूट की रकम के बाकी हिस्से का पता लगाने में जुटी है।
एक आरोपी का पहले से आपराधिक इतिहास
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, कुमोद पोद्दार के खिलाफ सिमुलतला, दुमका, हलसी और देवघर नगर थाना में पहले से कई मामले दर्ज हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि 40.50 लाख रुपये की पूरी रकम कहां गई और इस वारदात में इनके अलावा और कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
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