शेखपुरा: सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर से सामने आई तस्वीर में शव एम्बुलेंस की बदहाली साफ नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि वाहन को स्टार्ट करने के लिए कर्मचारियों और परिजनों को मिलकर धक्का लगाना पड़ता है। आपात स्थिति में इस्तेमाल होने वाले इस वाहन की यह हालत अस्पताल की व्यवस्थाओं और रखरखाव पर सवाल खड़े कर रही है।
धक्का लगाने के बाद ही स्टार्ट होती है एम्बुलेंस
अस्पताल से जुड़े लोगों के अनुसार शव एम्बुलेंस लंबे समय से खराब हालत में है। वाहन को जब भी इस्तेमाल करना होता है, पहले उसे धक्का देकर स्टार्ट करने की कवायद करनी पड़ती है। कई बार अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मरीजों के परिजन भी वाहन को धक्का लगाने में जुट जाते हैं। इसके बाद किसी तरह एम्बुलेंस चालू हो पाती है।
आपात सेवा के वाहन की हालत पर सवाल
शव वाहन का इस्तेमाल ऐसे समय में होता है, जब परिवार पहले से ही गंभीर परिस्थिति से गुजर रहा होता है। ऐसे में एम्बुलेंस के समय पर स्टार्ट नहीं होने से परेशानी और बढ़ सकती है। यदि किसी शव को तत्काल दूसरे स्थान पर ले जाने की जरूरत पड़े और वाहन रास्ते में भी खराब हो जाए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
मेंटेनेंस व्यवस्था पर उठी उंगली
अस्पताल की इस तस्वीर ने वाहनों के नियमित रखरखाव और सर्विसिंग की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में एम्बुलेंस जैसी जरूरी सुविधाओं को हर समय चालू हालत में रखना बेहद जरूरी है। इसके बावजूद यदि शव वाहन को धक्का देकर स्टार्ट करना पड़े, तो यह व्यवस्था की अनदेखी का संकेत माना जा सकता है।
जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों और अस्पताल से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि ऐसे वाहनों की नियमित जांच और समय पर मरम्मत होनी चाहिए। अस्पताल प्रशासन को मामले का संज्ञान लेकर खराब शव एम्बुलेंस की तत्काल मरम्मत करानी चाहिए, ताकि जरूरत के समय मरीजों और मृतकों के परिजनों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
फिलहाल शव एम्बुलेंस की इस बदहाली ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं के दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।
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