पटना: बिहार की प्रशासनिक मशीनरी में सोमवार की देर रात ऐसा फेरबदल हुआ, जिसने एक साथ पटना प्रमंडल और पांच जिलों की कमान बदल दी। सरकार ने 17 IAS अधिकारियों के तबादले की अधिसूचना जारी की। आदेश में सिर्फ जिलाधिकारियों की कुर्सियां नहीं बदली गईं, बल्कि गृह, वित्त, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण और मद्य निषेध जैसे महत्वपूर्ण विभागों के शीर्ष अधिकारियों के प्रभार में भी बदलाव किया गया है।
इस फेरबदल की खास बात यह है कि पांच जिलों के DM का आपस में प्रशासनिक ट्रांसफर भी देखने को मिला है। भोजपुर के DM तनय सुल्तानिया अब सीतामढ़ी संभालेंगे, जबकि सीतामढ़ी के DM रिची पांडेय को बेगूसराय भेजा गया है। वहीं तीन अन्य जिलों में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी दी गई है।
पटना की कुर्सी बदली, निगरानी विभाग को भी नया नेतृत्व
2001 बैच के IAS अधिकारी राजेश कुमार अब पटना प्रमंडल के नए आयुक्त होंगे। राजेश कुमार इससे पहले लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
पटना के मौजूदा प्रमंडलीय आयुक्त मयंक बरवड़े को निगरानी विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। वहीं ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार को गृह विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
यानी इस फेरबदल में पटना के प्रशासनिक ढांचे के साथ-साथ राज्य के सुरक्षा और निगरानी तंत्र में भी महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है।
पांच जिलों की कमान, पांच नए समीकरण
सरकार के आदेश के बाद पांच जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व बदल गया है।
भोजपुर: निदेशक खान मनेश कुमार मीणा को नया DM बनाया गया है।
बेगूसराय: सीतामढ़ी के DM रिची पांडेय अब बेगूसराय की कमान संभालेंगे।
सीतामढ़ी: भोजपुर के DM तनय सुल्तानिया को सीतामढ़ी भेजा गया है।
सिवान: नगर विकास एवं आवास विभाग के अपर सचिव विजय प्रकाश मीणा को सिवान का नया DM बनाया गया है।
कैमूर: बिहार राज्य भवन निर्माण निगम के निदेशक कुमार अनुराग अब कैमूर के जिलाधिकारी होंगे।
इन नियुक्तियों के बाद पांचों जिलों में प्रशासनिक प्राथमिकताओं और कामकाज की शैली में बदलाव देखने को मिल सकता है।
सबसे बड़ा उलटफेर सचिवालय में
तबादले की सूची पर नजर डालें तो सरकार ने सिर्फ जिलों की कमान नहीं बदली है। सचिवालय के कई अहम विभागों में भी जिम्मेदारियां पुनर्गठित की गई हैं।
1995 बैच के IAS अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी को परीक्षा नियंत्रक, बिहार राज्य संयुक्त परीक्षा पर्षद का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें BIPARD के महानिदेशक की जिम्मेदारी भी दी गई है।
1996 बैच के IAS अधिकारी एचआर श्रीनिवास को ग्रामीण विकास विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
वहीं 1999 बैच के IAS अधिकारी विनय कुमार को वित्त विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। हालांकि नगर विकास एवं आवास विभाग का अतिरिक्त प्रभार उनके पास बना रहेगा।
मद्य निषेध विभाग में भी बदली कमान
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में भी नया चेहरा लाया गया है। 2007 बैच के IAS अधिकारी संजय कुमार को इस विभाग का सचिव बनाया गया है।
संजय कुमार मुख्यमंत्री सचिवालय के सचिव के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे।
दूसरी तरफ नवीन कुमार को मद्य निषेध विभाग के सचिव के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। कुंदन कुमार को भी गृह विभाग के प्रभार से मुक्त किया गया है।
शिक्षा से समाज कल्याण तक बदली जिम्मेदारी
निर्वाचन विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल को समाज कल्याण विभाग का सचिव बनाया गया है। उनके पास शिक्षा विभाग के सचिव का पूर्ण प्रभार भी था।
वहीं बी. कार्तिकेय धनजी को लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग का सचिव बनाया गया है। राजीव रौशन को वित्त विभाग में सचिव, संसाधन की जिम्मेदारी दी गई है।
जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह को लघु जल संसाधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
एक आदेश, कई संदेश
बिहार सरकार का यह तबादला सिर्फ अधिकारियों की जगह बदलने वाला सामान्य प्रशासनिक आदेश नहीं माना जा रहा। एक साथ 17 IAS अधिकारियों की जिम्मेदारी बदलना, पांच जिलों में नए DM भेजना और गृह-वित्त-ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विभागों के प्रभार में फेरबदल प्रशासनिक स्तर पर बड़े पुनर्संयोजन का संकेत देता है।
खास तौर पर पटना प्रमंडल की कमान बदलने और पांच जिलों में नए जिलाधिकारियों की नियुक्ति पर सबकी नजर रहेगी।
अब असली परीक्षा नए अधिकारियों की होगी—क्या वे अपने नए जिलों और विभागों में सरकार की प्राथमिकताओं को तेजी से जमीन पर उतार पाएंगे? इसका जवाब आने वाले महीनों में प्रशासनिक कामकाज और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन से मिलेगा।
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