हाजीपुर: हाजीपुर के पासवान चौक पर एक कार की गलत पार्किंग से लगा जाम उस समय बड़े विवाद में बदल गया, जब जाम खुलवाने पहुंची महिला दरोगा कथित तौर पर विवाद के केंद्र में आ गईं। कुछ ही मिनटों में सड़क पर शुरू हुआ विवाद थाने तक पहुंच गया और मामला ‘वर्दी बनाम वकालत’ की लड़ाई में तब्दील होता नजर आया।
आरोप है कि ड्यूटी से लौट रही महिला दरोगा नेहा कुमारी ने सड़क पर जाम का कारण बनी कार को हटाने को कहा। इस पर कार चालक और उसके परिजनों के साथ बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक और कथित मारपीट में बदल गई।
महिला दरोगा का दावा है कि उनके साथ अभद्रता की गई, वर्दी खींची गई और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। इतना ही नहीं, सहायता के लिए फोन करने के दौरान उनका मोबाइल भी छीन लिए जाने का आरोप लगाया गया।
एक गिरफ्तारी और थाने पर उमड़ी भीड़
घटना के बाद पुलिस ने कार चालक, उसकी पत्नी और एक अधिवक्ता को हिरासत में लिया। इसके बाद हाजीपुर का औद्योगिक थाना अचानक सुर्खियों में आ गया। अधिवक्ता की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में वकील थाना पहुंच गए और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने लगे।
कुछ देर के लिए थाना परिसर में ऐसा माहौल बन गया मानो कानूनी बहस सड़क से निकलकर सीधे पुलिस स्टेशन पहुंच गई हो।
दोनों पक्ष आमने-सामने
एक तरफ महिला दरोगा ने मारपीट, मोबाइल छीनने और सरकारी काम में बाधा डालने की शिकायत दी है, वहीं दूसरी ओर आरोपी पक्ष ने पुलिस पर दुर्व्यवहार और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है।
अब जांच पर टिकी नजर
मामले ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि जांच में किस पक्ष के दावे सही साबित होते हैं।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: सहरसा में धूमधाम से मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस, प्रभारी मंत्री मिथिलेश तिवारी ने फहराया तिरंगा!