सिवान: स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित तिरंगा यात्रा के दौरान बिहार के सिवान जिले में बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया। यात्रा में शामिल करीब 100 छात्राओं की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। कई छात्राएं स्कूल लौटने के बाद एक-एक कर बेहोश होकर गिरने लगीं, जिससे शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
घटना भगवानपुर प्रखंड की बताई जा रही है। तिरंगा यात्रा समाप्त होने के बाद छात्राओं की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख उन्हें तत्काल भगवानपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां एक साथ बड़ी संख्या में छात्राओं के पहुंचने से अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया।
अस्पताल में जगह कम पड़ने के कारण छात्राओं का इलाज वार्डों के अलावा बरामदों, कमरों, एक्स-रे कक्ष और ऑपरेशन थिएटर तक में करना पड़ा। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की पूरी टीम इलाज में जुटी रही। प्राथमिक उपचार के बाद कई छात्राओं की स्थिति में सुधार हुआ, जबकि कुछ छात्राओं को निगरानी में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार करीब 15 छात्राओं की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रखंड प्रमुख हरेंद्र पासवान, बीडीओ प्रियंका कुमारी, सीओ धीरज कुमार पांडेय, बीईओ राकेश कुमार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिसकर्मी, शिक्षक और स्वास्थ्यकर्मी भी राहत एवं उपचार कार्य में जुटे रहे।
घटना के बाद अस्पताल में अभिभावकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों ने तिरंगा यात्रा के दौरान पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उमस भरी गर्मी और तेज धूप के बीच छात्राओं को लंबे समय तक यात्रा में शामिल रखा गया, जिसके कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई।
हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं की गई है। प्रारंभिक तौर पर गर्मी, उमस और थकान को छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की प्रमुख वजह माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
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