किशनगंज: भारत-नेपाल सीमा से सटे किशनगंज जिले के ठाकुरगंज स्थित गांधी मैदान में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में पहुंचीं पद्म भूषण साध्वी ऋतम्भरा ने हिंदू मंदिरों के सरकारी नियंत्रण, धर्मांतरण, सनातन धर्म और हिंदू समाज की एकजुटता को लेकर कई महत्वपूर्ण बयान दिए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि हिंदू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाना चाहिए और मंदिरों में आने वाले चढ़ावे का इस्तेमाल हिंदू धर्म के प्रचार-प्रसार एवं धार्मिक कार्यों में होना चाहिए।
साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि मंदिरों में श्रद्धालु अपनी आस्था से चढ़ावा अर्पित करते हैं। ऐसे में उस धन का उपयोग धार्मिक कार्यों और समाजहित में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने की मांग काफी पुरानी है और इसके लिए हिंदू समाज को अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
मंदिर मुक्त होंगे तो धर्मांतरण पर लगेगी रोक
साध्वी ऋतम्भरा ने दावा किया कि हिंदू मंदिरों के सरकारी नियंत्रण से मुक्त होने के बाद धर्मांतरण पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी। उन्होंने हिंदू समाज से धार्मिक संस्थाओं और मंदिरों के संचालन को लेकर जागरूक होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रभु के चरणों में अर्पित चढ़ावे का सदुपयोग होना चाहिए। उनका कहना था कि इस दिशा में कदम काफी पहले उठाया जाना चाहिए था, लेकिन अब भी देर नहीं हुई है।
मोदी-योगी की तारीफ, राम मंदिर का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि दोनों नेता राष्ट्र की भावना को समझते हैं। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे संघर्ष के बाद राम मंदिर निर्माण का सपना साकार हुआ है।
उन्होंने हिंदू समाज से जातीय बंधनों से ऊपर उठकर एकजुट होने की अपील भी की।
पप्पू यादव के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव से जुड़े एक सवाल पर साध्वी ऋतम्भरा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सनातन धर्म का अपमान करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले लोग सनातन धर्म को समाप्त नहीं कर सकते।
साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा बहुत पुरानी है और इसे खत्म करना किसी के लिए संभव नहीं है।
छात्र आंदोलन में प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा पर जताई नाराजगी
दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल को लेकर भी साध्वी ऋतम्भरा ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि युवाओं के भीतर अपार ऊर्जा और क्षमता है, लेकिन उन्हें अपनी बात मर्यादा और नैतिकता के साथ रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध और अपनी मांग रखना युवाओं का अधिकार है, लेकिन भाषा की मर्यादा बनाए रखना भी जरूरी है।
प्रवचन कार्यक्रम में उमड़ी भीड़
साध्वी ऋतम्भरा ठाकुरगंज के गांधी मैदान में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने सूरजापुरी नेता ताराचंद धानुका की पुस्तक ‘चिकन नेक’ के संरक्षक का लोकार्पण भी किया।
कार्यक्रम में विधायक गोपाल अग्रवाल, सूरजापुरी नेता ताराचंद धानुका, नगर पंचायत अध्यक्ष सिकंदर पटेल, शिशिर कुमार दास, कौशल यादव, अरुण कुमार सिंह, अमित सिन्हा, अतुल सिंह, ज्योति कुमार सोनू, बिजली प्रसाद सिंह, देवकी अग्रवाल, कन्हैया लाल महतो समेत कई जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ठाकुरगंज से धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर बड़ा संदेश
ठाकुरगंज में साध्वी ऋतम्भरा के बयान से मंदिरों के सरकारी नियंत्रण, धार्मिक चढ़ावे के इस्तेमाल, धर्मांतरण, हिंदू एकजुटता और राजनीतिक नेतृत्व जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। उनके बयानों पर अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।
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