पटना: पूर्व मध्य रेल के दानापुर मंडल ने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा गुणवत्ता को और बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत पटना जंक्शन पर रेलवे कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरा उपलब्ध कराया गया है, जिससे टिकट जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
पारदर्शिता और सुरक्षा की दिशा में पहल
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस नई तकनीक का उद्देश्य यात्रियों और कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों को कम करना तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है। बॉडी कैमरा के माध्यम से ड्यूटी के दौरान होने वाली घटनाओं की रिकॉर्डिंग की जा सकेगी, जो जरूरत पड़ने पर साक्ष्य के रूप में उपयोगी होगी।
चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार
दानापुर मंडल ने स्पष्ट किया है कि यह परियोजना फिलहाल पायलट रूप में पटना जंक्शन से शुरू की गई है। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद इसे पूरे मंडल में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
कर्मचारियों को मिलेगा आत्मविश्वास
वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक अभिनव सिद्धार्थ ने बताया कि बॉडी वॉर्न कैमरा कर्मचारियों को विवादित परिस्थितियों में निष्पक्ष तथ्यों को प्रस्तुत करने में मदद करेगा। इससे कर्मचारियों में सुरक्षा और आत्मविश्वास की भावना बढ़ेगी तथा कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह बनेगी।
यात्रियों के लिए भी भरोसे का माध्यम
यात्रियों के लिए यह तकनीक अतिरिक्त सुरक्षा और विश्वास का माध्यम बनेगी। टिकट जांच, जुर्माना वसूली या अन्य प्रक्रियाओं के दौरान रिकॉर्डिंग होने से गलतफहमी और अनावश्यक विवाद की संभावना कम होगी।
विश्वास और जवाबदेही’ की ओर कदम
रेलवे का मानना है कि बॉडी वॉर्न कैमरा केवल निगरानी का उपकरण नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और आपसी विश्वास को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है। इससे रेलवे सेवा और अधिक सुरक्षित एवं यात्री-केंद्रित बनने की उम्मीद है।
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