लखीसराय: लाल इंटरनेशनल स्कूल में प्रार्थना सत्र के दौरान राष्ट्रकवि डॉ. रामधारी सिंह दिनकर की जयंती श्रद्धा, राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय चेतना और ओजस्वी साहित्यिक भावनाओं के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन की ओर से संस्थान के शिक्षक-शिक्षिकाओं को डायरी, कलम, बैग एवं आईडी कार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।

समारोह की अध्यक्षता विद्यालय की चेयरपर्सन ममता देवी ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन प्राचार्य मनीषा कुमारी ने किया। मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रो. उमेश प्रसाद सिंह ने राष्ट्रकवि दिनकर के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि दिनकर की रचनाओं में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और अन्याय के विरुद्ध संघर्ष का सशक्त स्वर दिखाई देता है।

विद्यालय के डायरेक्टर मुकेश कुमार ने कहा कि दिनकर की काव्य रचनाओं को पढ़ने और सुनने से आज भी युवाओं में ऊर्जा एवं राष्ट्रप्रेम का संचार होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी भाषा एवं साहित्य के महत्व से परिचित कराते हुए कहा कि देश की अस्मिता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने में दिनकर जैसे साहित्यकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

उन्होंने दिनकर की चर्चित पंक्ति “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है” का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविता ने शोषित और वंचित वर्ग की आवाज को बुलंद करने का काम किया। वहीं हिंदी शिक्षक रामजी सिंह ने दिनकर की कविताओं को युवाओं और देशवासियों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए उनके साहित्य से सीख लेने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान शिक्षिका पुनीता कुमारी तथा छात्र चंदन कुमार, पुनीत कुमार, अभिनव आनंद, संकल्प एवं अनुकल्प कुमार और छात्रा पीहू कुमारी ने राष्ट्रकवि दिनकर की सारगर्भित एवं ओजस्वी काव्य रचनाओं का प्रभावशाली पाठ किया। उनकी प्रस्तुति से पूरा विद्यालय परिसर राष्ट्रप्रेम और साहित्यिक चेतना से सराबोर हो उठा।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार ने राष्ट्रकवि दिनकर के साहित्य, विचार और राष्ट्रीय चेतना को आत्मसात करने का संकल्प लिया। समारोह ने विद्यार्थियों में हिंदी साहित्य के प्रति रुचि और देशप्रेम की भावना को और मजबूत किया।
