शेखपुरा: रोजगार की तलाश में भटक रहे युवाओं के लिए ड्राइविंग अब सिर्फ वाहन चलाने का कौशल नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का जरिया बन सकता है। इसी उद्देश्य से केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI), शेखपुरा में मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शेखपुरा के उप विकास आयुक्त राकेश कुमार मौजूद रहे। वहीं RSETI शेखपुरा के निदेशक राजीव रंजन समेत अन्य अतिथियों और प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
सिर्फ ड्राइविंग नहीं, सुरक्षित ड्राइविंग पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को वाहन चलाने के व्यावहारिक कौशल के साथ सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों को वाहन संचालन के साथ उसके रखरखाव से जुड़े जरूरी पहलुओं के बारे में भी बताया जाएगा।
आयोजकों के मुताबिक, कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को ऐसा कौशल देना है, जिसका इस्तेमाल वे नौकरी के साथ-साथ अपना रोजगार शुरू करने में भी कर सकें।
ड्राइविंग से रोजगार की राह आसान करने की कोशिश
RSETI की ओर से युवाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। ड्राइविंग का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवा विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर तलाश सकते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार स्वरोजगार की दिशा में भी कदम बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं को कौशल विकास के महत्व के साथ यह संदेश दिया गया कि किसी भी हुनर को रोजगार से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।
कौशल से आत्मनिर्भरता’ को बनाया आधार
RSETI की इस पहल का मूल संदेश है—“कौशल से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता से समृद्धि।”
आयोजकों का कहना है कि युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें सम्मानजनक रोजगार और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है।
सुरक्षित चालक, कुशल युवा और आत्मनिर्भर समाज के लक्ष्य के साथ शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शेखपुरा के युवाओं के लिए रोजगार की दिशा में एक उपयोगी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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