पटना: राजधानी पटना के बिहार विधानमंडल में बुधवार को सियासत का एक अलग ही रंग देखने को मिला, जब जनप्रतिनिधि पारंपरिक बहसों से हटकर डिजिटल क्लासरूम में नजर आए। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और नई तकनीकों को समझने के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक “स्टूडेंट” की भूमिका में दिखे।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि शामिल हुए। विशेषज्ञों ने AI, डिजिटल गवर्नेंस, डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर प्रेजेंटेशन के जरिए जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना से जुड़े एक नए डिजिटल पोर्टल का भी शुभारंभ किया। सरकार का कहना है कि इस पोर्टल से योजनाओं की निगरानी, स्वीकृति और प्रगति की जानकारी रियल टाइम में मिल सकेगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि AI केवल तकनीक नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा है। जनप्रतिनिधियों के लिए इसका ज्ञान आवश्यक है, ताकि वे बदलते समय के साथ कदम मिला सकें।
इस पहल को ‘डिजिटल बिहार’ की दिशा में एक अनोखा प्रयोग माना जा रहा है, जहां अब कानून बनाने वाले भी तकनीक की भाषा सीखते नजर आ रहे हैं।
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